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Haryana शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला! दो साल बाद प्रिंसिपल्स को मिली ‘फ्री मूवमेंट’ की परमिशन – क्यों?

On: November 18, 2025 1:19 PM
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Haryana शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला! दो साल बाद प्रिंसिपल्स को मिली ‘फ्री मूवमेंट’ की परमिशन – क्यों?

Haryana के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत प्रिंसिपलों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब जिन प्रिंसिपलों ने किसी एक कॉलेज में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है, वे अपने पसंद के कॉलेज में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने सोमवार से ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। वहीं, जिन प्रिंसिपलों ने एक ही कॉलेज में चार वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनके लिए इस प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने ट्रांसफर के लिए पात्रता तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की है और पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की अंतिम तारीख 2 दिसंबर रखी गई है। प्रिंसिपल 19 नवंबर से 25 नवंबर के बीच अपनी पसंदीदा कॉलेजों की सूची ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रिंसिपलों के ट्रांसफर आदेश आगामी वर्ष 5 फरवरी को जारी किए जाएंगे। इसके बाद 15 फरवरी तक सभी को नए कॉलेजों में नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए जाएंगे। राज्य में कुल 178 प्रिंसिपल पदों के लिए यह ऑनलाइन ट्रांसफर नीति तैयार की गई है, ताकि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और सुविधा बनी रहे। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सभी प्रक्रियाएं HRMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और सुचारू रूप से पूरी की जाएँ। हर चरण की पुष्टि के लिए OTP आधारित सिस्टम लागू किया गया है, जिससे गलत जानकारी या फर्जी आवेदन की संभावना समाप्त हो जाती है।

प्रिंसिपलों के बाद अगला चरण असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया का होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वे असिस्टेंट प्रोफेसर ही आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने किसी कॉलेज में कम से कम एक वर्ष तक पढ़ाया हो। इस नई व्यवस्था के तहत 7,882 पदों के लिए ट्रांसफर प्रारूप तैयार किया गया है, जो 20 विषयों पर आधारित है। इन विषयों में बॉटनी, केमिस्ट्री, कॉमर्स, कंप्यूटर साइंस, इंग्लिश, हिंदी, हिस्ट्री, मैथमैटिक्स, फिजिकल एजुकेशन, पॉलिटिकल साइंस, साइकॉलजी, संस्कृत, पंजाबी और जूलॉजी शामिल हैं। जिन असिस्टेंट प्रोफेसरों ने एक कॉलेज में पाँच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनके लिए ट्रांसफर प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य किया गया है।

ट्रांसफर में मेरिट तय करने के लिए विभाग ने 80 अंकों का एक विस्तृत मानदंड तैयार किया है। इसमें उम्र, लिंग, दिव्यांगता, वैवाहिक स्थिति, स्वास्थ्य और सेवा की अवधि जैसी महत्वपूर्ण श्रेणियों को शामिल किया गया है। महिला शिक्षकों—विशेषकर विधवा, तलाकशुदा और कानूनी रूप से अलग रह रही महिलाओं—को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह, दिव्यांग शिक्षकों और 22 गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को भी राहत दी जाएगी। नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित कार्यस्थल उपलब्ध कराना है। पूरा संचालन HRMS पोर्टल के माध्यम से डिजिटल तरीके से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया न केवल पारदर्शी बल्कि त्वरित भी रहे।

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