गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

12 साल बाद EPFO का बडा फैसला ! जानिए कितना बढ़ेगा बीमा व पेंशन ?

Written by: Harsh Rajput

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EPFO: देश के लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए बुधवार का दिन बड़ी खबर लेकर आया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा…


12 साल बाद EPFO का बडा फैसला, जानिए कितना बढेगा बीमा व पेंशन
12 साल बाद EPFO का बडा फैसला, जानिए कितना बढेगा बीमा व पेंशन
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EPFO: देश के लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए बुधवार का दिन बड़ी खबर लेकर आया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब तक जिन कर्मचारियों के लिए यह सीमा 15 हजार रुपये प्रति माह थी, उसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। यानी अब 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले ज्यादा कर्मचारी ईपीएफओ के अनिवार्य दायरे में आ सकेंगे।

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सामाजिक सुरक्षा कवरेज होगा मजबूत: बता दें कि अगले पांच वर्षों की बात करें तो अनुमानित कुल व्यय करीब 56,696 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार इस अतिरिक्त खर्च को कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने की दिशा में निवेश के तौर पर देख रही है।सरकार के इस फैसले का सीधा असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक, इस बदलाव के बाद 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी ईपीएफओ के अनिवार्य कवरेज के दायरे में आ जाएंगे।

12 साल बाद EPFO का बडा फैसला, जानिए कितना बढेगा बीमा व पेंशन
12 साल बाद EPFO का बडा फैसला, जानिए कितना बढेगा बीमा व पेंशन

सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद देश में बढ़ती आय, लगातार हो रही वेतन वृद्धि और औपचारिक रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है। इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि ईपीएफओ की वेतन सीमा में यह बदलाव करीब 12 साल बाद किया जा रहा है। इससे पहले सितंबर 2014 में वेतन सीमा को बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति माह किया गया था।

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82 लाख पेंशनभोगी ईपीएफ की बढेती पेंशन: वैष्णव ने कहा कि सितंबर 2014 में 15 हजार रुपए की सीमा तय की गई थी। उस समय से अबतक औसत वेतन करीब ढाई गुणा बढ़कर 23 हजार रुपए हो गई है। कई राज्यों में अकुशल कामगारों का वेतन भी 15 हजार रुपए से अधिक है। ऐसे में पुरानी सीमा को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। वर्तमान में 15 हजार रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पाने वाले लोग अनिवार्य रूप से कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना का हिस्सा नहीं हैं। अब 25 रुपये मासिक तक कमाने वाले अनिवार्यतः इसका हिस्सा बन जाएंगे।

 

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इससे सरकारी खजाने पर 11,339 करोड़ रुपए का सालाना बोझ आएगा क्योंकि ईपीएफ में एक हिस्सा सरकार भी देती है जो पेंशन फंड में जाता है। वर्तमान में इस मद में सरकार 10,250 रुपए की बजटीय सहायता देती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में इस समय 7.68 लाख नियोक्ता और करीब 7.98 करोड़ अंशदाता हैं। साथ ही 82 लाख पेंशनभोगी ईपीएफ के पेंशन से लाभान्वित हो रहे हैं।

जानिए EPFO में कितने लोग जुड़े हैं?
EPFO देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, EPFO में करीब 7.98 करोड़ योगदान देने वाले सदस्य हैं और लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठान इसमें योगदान कर रहे हैं। वहीं, कर्मचारी पेंशन योजना के तहत करीब 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन लाभ मिलता है।

 

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सिर्फ PF नहीं, पेंशन और बीमा का भी फायदा

यह बदलाव केवल भविष्य निधि यानी EPF तक सीमित नहीं है। EPFO के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को लागू नियमों के अनुसार कई सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलते हैं। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के जरिए रिटायरमेंट के लिए बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन सुरक्षा और कर्मचारी जमा-लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत बीमा सुरक्षा शामिल है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार मिल सकता है।

Harsh Rajput
About the Author Harsh Rajput

मै हर्ष चौहान Best24News में बतौर राइटर कार्यरत हूं। रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by Harsh Rajput →

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