सोनीपत / गन्नौर (Best24News): हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा लगातार ग्राउंड जीरो पर उतरकर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को वे सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल स्थित दातौली गांव के ‘पीएम श्री’ राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अचानक पहुंचे।
शिक्षा मंत्री के अचानक स्कूल परिसर में दाखिल होते ही स्कूल स्टाफ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। मंत्री ने खुद घूमकर परिसर में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कक्षाओं में पढ़ाई के माहौल की गहनता से समीक्षा की।
कक्षाओं में जाकर छात्राओं से पूछा- ‘कैसी चल रही है पढ़ाई?’
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री सीधे कक्षाओं में पहुंचे और छात्राओं से दोस्ताना माहौल में बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों की रोजाना उपस्थिति और पढ़ाने के तरीके की जानकारी ली।
पठन-पाठन सामग्री (Books & Study Material) समय पर मिलने के बारे में पूछा। पीने के पानी, शौचालय और स्कूल में मिल रही अन्य सुविधाओं का फीडबैक लिया।
छात्राओं ने भी बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं और जरूरतें शिक्षा मंत्री के सामने रखीं। उनकी बातें सुनने के तुरंत बाद मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्राथमिक आधार पर समस्याओं के समाधान के सख्त निर्देश दिए।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बच्चों को मिले बेहतर माहौल”
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों व शिक्षकों की बैठक लेते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय और स्वच्छ शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्कूल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और सभी मूलभूत सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
11 दिनों में कई स्कूलों पर पड़ी शिक्षा मंत्री की रेड
जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए शिक्षा मंत्री पिछले 11 दिनों में लगातार कई शिक्षण संस्थानों का औचक दौरा कर चुके हैं।
राजकीय कॉलेज, पंचकूला
- राजकीय महिला कॉलेज, बसताड़ा
- राजकीय कॉलेज, सेक्टर-18 पानीपत
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, निजामपुर (पानीपत)
का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए वे आगे भी इसी तरह बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूलों और कॉलेजों का जायजा लेते रहेंगे।














