Breaking News: धारूहेड़ा/रेवाड़ी : औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा के अंतर्गत आने वाली करण कुंज कॉलोनी (ग्राम घटाल महनियावास) के निवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। पिछले तीन वर्षों से जलभराव, टूटी सड़कों और नारकीय जीवन जीने को मजबूर कॉलोनीवासियों ने सोमवार को रेवाड़ी के जिला उपायुक्त (DC) के नाम सीटीएम (CTM) जितेंद्र कुमार को एक लिखित ज्ञापन सोंपा।Breaking News
कॉलोनी की बदहाल स्थिति को जल्द से जल्द ठीक करवाने की मांग है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं और समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा। चेतावनी देते हुए कहा अगर सुनवाई नहीं की तो वे कोर्ट का दरबाजा खटखटाने को मजबरू होंगे।

3 साल से जलभराव और गंदगी के बीच रहने को मजबूर लोग
लोगों का कहना है कि कॉलोनी में जल निकासी (Drainage System) की कोई व्यवस्था नहीं है। मामूली बरसात होते ही पूरी कॉलोनी और अधिकांश गलियां गंदे और बदबूदार पानी से लबालब भर जाती हैं, जिससे लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। गलियो में इतना पानी जमा है कि पैदल निकलना दूभर हो गया है।
संक्रामक बीमारियों का मंडराया खतरा: गलियों में लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों को डर है कि यदि जल्द ही पानी नहीं निकाला गया, तो कॉलोनी में मलेरिया, डेंगू और अन्य गंभीर संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले लेंगी। इससे पहले भी प्रशासन को इस समस्या को लेकर अवगत करवा चुके है कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। मजबूरी में आज लोगों को यहां पर आना पडा।

सड़के हुईं पूरी तरह क्षतिग्रस्त, अब कोर्ट जाने की दी चेतावनी
सड़कें बनीं हादसों का सबब: कई महीनों से पानी जमा रहने के कारण करण कुंज कॉलोनी की मुख्य सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढे हो जाने के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक और राहगीर चोटिल हो रहे हैं। इसके साथ ही कॉलोनी में बिजली संबंधी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं।
न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे ग्रामीण: कॉलोनीवासियों ने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके मौके का निरीक्षण कर जल निकासी को दुरुस्त नहीं किया गया और सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। अपनी मांगो सुविधाओं के लिए वे जल्द ही न्यायालय (Court) का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।













