जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की सोमवार को बाल भवन में आयोजित की गई। सोमवार को आयोजित बैठक में परिवादों को लेकर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कई बडे फैसले सुनाए। करीब छह वर्ष पुराने टेंट भुगतान मामले में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने नगर परिषद के वर्तमान एवं तत्कालीन एमई और जेई को चार्जशीट करने के निर्देश दिए।
छह साल नही हुआ बिल पास: बता दे कि नगर परिषद में अलग-अलग अवसरों पर लगाए गए टेंट के करीब 21 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया था। पीडित बार बार कार्योलयो के चक्कर काट रहा था। जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति में आए मामले का लेकर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने आदेश का लेकर अधिकारियो की नींद उड गइ् है।
तत्कालीन एमई और जेई को चार्जशीट: सोमवार को बाल भवन रेवाड़ी में आयोजित बैठक में करीब छह वर्ष पुराने टेंट भुगतान मामले में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। टेंट के करीब 21 लाख रुपये का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में मंत्री ने नियम सात के तहत नगर परिषद के वर्तमान एवं तत्कालीन एमई और जेई को चार्जशीट करने के निर्देश दिए।
जिम्मेदार अधिकारियों को लगाई फटकार: बैठक मे इसके अलावा कई समस्यों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियो ने फटकर लगाई। सेक्टर-19 निवासी मंजीत कुमार के वर्ष 2011 से लंबित मामले में मंत्री ने एचएसवीपी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवादी को उसकी इच्छानुसार प्लाट नंबर 172 आवंटित किया जाए। मामले के लंबे समय से लंबित रहने पर मंत्री ने एचएसवीपी अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
अतिक्रमण को लेकर जांच के आदेश: महेंद्रगढ़ जिले के कलवाड़ी के रहने वाले अमर सिंह के 27 लाख रुपये के मामले में सुनवाई करते हुए मंत्री ने सीएम विंडो के एलिमेंट पर्सन एवं थाना प्रभारी की कमेटी का गठन किया है, जिसमें मामले की सच्चाई का पता लगाने एवं दोषी के विरुद्ध के कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। इसी तरह नंगली गोधा गांव में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर भी जांच कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए है।
जांच करने के आदेश: इतना ही ही नहीं बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए, जिनमें से 12 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि चार मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखा गया। सेक्टर चार से जुड़े एक मामले में एडीसी राहुल मोदी की जांच के बाद चेकर-मेकर सहित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच के लिए लिखा गया है।

एसआईआर पर क्या बोले: SIR को लेकर कांग्रेस के विरोध पर मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र एजेंसी है और एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। उनके अनुसार डुप्लीकेट और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं समेत अन्य मामलों की जांच एसआईआर प्रक्रिया के तहत की जाती है।
लगाए जा रहे गांवों में कैप:सेवा सेतु अभियान के तहत अधिकारियों को शिविरों में बैठाकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने का भी प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मेडिकल कैंप, रक्तदान शिविर और स्वच्छता अभियान के साथ लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।










