Rewari Property Rate: अगर आप रेवाड़ी में घर बनाने, दुकान खरीदने या भविष्य के लिए प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। जिले के अलग-अलग इलाकों में जमीन की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। शहर के पुराने बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की कीमतें सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जबकि कुछ इलाके अभी भी अपेक्षाकृत किफायती बने हुए हैं। ऐसे में निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर रेवाड़ी के कौन-कौन से इलाके सबसे महंगे हैं।
पुराना शहर आज भी सबसे महंगा इलाका (Rewari Property Rate)
रेवाड़ी का पुराना शहर आज भी जिले का सबसे प्रीमियम इलाका माना जाता है। पेठा बाजार, सर्राफा बाजार, पंजाबी बाजार, गोकल गेट, ब्रास मार्केट, जीवली बाजार, काठ मंडी और मॉडल टाउन जैसे प्रमुख बाजारों में व्यावसायिक जमीन की कीमत 1 लाख रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक है। कारोबार के लिहाज से इन बाजारों की मांग लगातार बनी हुई है, इसलिए यहां जमीन खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है।
पुराने शहर में व्यावसायिक जमीन की कीमत करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी है, जिससे यह जिला का सबसे महंगा इलाका बना हुआ है।
धारूहेड़ा में करोड़ों में पहुंची कृषि और कमर्शियल जमीन
औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने के कारण धारूहेड़ा में भी जमीन की कीमत तेजी से बढ़ी है। मालपुरा गांव में कृषि भूमि की कीमत करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है। वहीं आंकड़ा गांव में जमीन का रेट करीब 1 करोड़ 38 लाख 83 हजार 800 रुपये प्रति एकड़ है।
खरखड़ा-खिजूरी, डूंगरवास और मसानी जैसे इलाकों में भी कृषि भूमि करोड़ों रुपये प्रति एकड़ में पहुंच चुकी है। वहीं 100 फीट रोड और खरखड़ा रोड पर व्यावसायिक जमीन की कीमत करीब 1 लाख 4 हजार 60 रुपये प्रति वर्ग गज है। इसके अलावा धारूहेड़ा के कई अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में जमीन 50 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक की है।
इन बाजारों में भी जमीन खरीदना आसान नहीं
रेवाड़ी के कई पुराने बाजार आज भी सबसे महंगे व्यावसायिक क्षेत्रों में गिने जाते हैं। ब्रास मार्केट में व्यावसायिक जमीन का रेट करीब 1 लाख 28 हजार 700 रुपये प्रति वर्ग गज है।
जीवली बाजार में यह कीमत 1 लाख 5 हजार 270 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी है। वहीं काठ मंडी में जमीन का रेट करीब 1 लाख 19 हजार 548 रुपये प्रति वर्ग गज और कटला बाजार में करीब 89 हजार 661 रुपये प्रति वर्ग गज दर्ज किया गया है। लगातार बढ़ते कारोबार के कारण इन बाजारों की जमीन निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है।
हुडा सेक्टरों में भी बनी हुई है अच्छी डिमांड
रेवाड़ी के हुडा सेक्टर भी लगातार निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। आवासीय प्रॉपर्टी के लिहाज से सेक्टर-2 सबसे महंगे इलाकों में शामिल है, जबकि कमर्शियल प्रॉपर्टी के मामले में सेक्टर-3 की सबसे ज्यादा मांग है। अच्छी सड़कें, स्कूल, अस्पताल और बाजार जैसी सुविधाओं ने इन सेक्टरों की कीमतों को लगातार मजबूत बनाए रखा है।
बावल में अभी भी बाकी इलाकों से कम है रेट
IMT जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजना होने के बावजूद बावल में जमीन की कीमत अभी भी रेवाड़ी शहर और धारूहेड़ा की तुलना में कम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां काम करने वाले अधिकांश लोग रहने के लिए रेवाड़ी शहर को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए यहां प्रॉपर्टी की मांग अपेक्षाकृत कम रहती है।
बावल में छोटूराम चौक सबसे महंगा व्यावसायिक इलाका है, जहां जमीन का रेट करीब 36,300 रुपये प्रति वर्ग गज है। इसके बाद बनीपुर चौक में करीब 24,200 रुपये प्रति वर्ग गज और कॉलेज से अस्पताल रोड पर करीब 15,180 रुपये प्रति वर्ग गज की कीमत है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपका बजट अच्छा है और आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो पुराना शहर, धारूहेड़ा और शहर के प्रमुख बाजार बेहतर विकल्प माने जा सकते हैं। वहीं कम बजट वाले खरीदारों के लिए बावल और शहर के बाहरी इलाके अभी भी बेहतर अवसर दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और नई परियोजनाओं के चलते आने वाले समय में इन क्षेत्रों की कीमतों में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले इलाके की मौजूदा कीमत, भविष्य की संभावनाओं और सुविधाओं का आकलन जरूर करें।













