Rewari News: जिले में पिछले कुछ दिनों से सब्जियों की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। रेवाड़ी शहर, धारूहेड़ा, बावल, खोल, कसौला और आसपास के इलाकों की मंडियों में टमाटर और प्याज के बढ़े दामों ने आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित कर दिया है। गृहिणियों से लेकर छोटे होटल और ढाबा संचालकों तक सभी पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
टमाटर और प्याज के दाम में सबसे ज्यादा उछाल
स्थानीय सब्जी कारोबारियों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले तक प्याज 20 से 25 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं टमाटर, जो पहले 25 से 30 रुपये प्रति किलो मिल रहा था, अब 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। कई जगह गुणवत्ता के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर भी देखा जा रहा है।
रेवाड़ी मंडी से लेकर धारूहेड़ा बाजार तक दिखा असर
रेवाड़ी की प्रमुख सब्जी मंडी के अलावा धारूहेड़ा, बावल और आसपास के बाजारों में भी बढ़ी हुई कीमतों का असर दिखाई दे रहा है। स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि दिल्ली और अन्य थोक मंडियों से महंगे दामों पर माल आने के कारण खुदरा बाजार में भी कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। यदि आने वाले दिनों में थोक बाजार में राहत मिलती है तो खुदरा कीमतों में भी कमी आ सकती है।
कम मात्रा में खरीदारी कर रहे ग्राहक
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई बढ़ने के बाद ग्राहकों की खरीदारी का तरीका भी बदल गया है। पहले जहां परिवार एक या दो किलो टमाटर और प्याज खरीद लेते थे, वहीं अब अधिकांश लोग आधा किलो या जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में ही सब्जियां खरीद रहे हैं। इसका असर दुकानदारों की बिक्री पर भी देखने को मिल रहा है।
गृहिणियों का बिगड़ा मासिक बजट
रेवाड़ी और धारूहेड़ा की कई गृहिणियों का कहना है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के दाम बढ़ने से घरेलू खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। अब परिवारों को महीने का बजट संभालने के लिए अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। कई लोग सप्ताहभर की खरीदारी करने की बजाय जरूरत के अनुसार रोजाना सब्जियां खरीद रहे हैं।
अन्य सब्जियों की कीमतों में भी दिख रही तेजी (Rewari News)
टमाटर और प्याज के अलावा कुछ अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव, आपूर्ति प्रभावित होने और थोक बाजार में बढ़ी कीमतों की वजह से खुदरा बाजार में महंगाई देखने को मिल रही है। यदि आवक सामान्य रही तो आने वाले दिनों में दाम स्थिर होने की उम्मीद है।
फिलहाल राहत के आसार कम
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि जब तक थोक बाजार में कीमतों में कमी नहीं आती, तब तक रेवाड़ी, धारूहेड़ा, बावल और आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को महंगी सब्जियां ही खरीदनी पड़ सकती हैं। ऐसे में आम लोगों की रसोई का बजट फिलहाल दबाव में रहने की संभावना है।













