Haryana News: हरियाणा सरकार के द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य में पटवार सर्कल का पुनर्गठन किया जाएगा जिससे पटवारीयों को काफी राहत मिलेगी। पटवारीयों के पक्ष में सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। सरकार के फैसले से पटवारीयों का कार्यभार भी कम हो जाएगा।
बढ़ते कार्यभार को देखते हुए लिया गया निर्णय
राज्य में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के कारण पटवारियों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। भूमि रिकॉर्ड अपडेट करना, नामांतरण मामलों का निपटारा, फसल सर्वेक्षण और अन्य प्रशासनिक कार्यों में बढ़ोतरी के चलते कई क्षेत्रों में पटवारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया है। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सिर्फ पटवारी ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी काफी फायदा होगा। लंबे समय से इसकी मांग भी की जा रही थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
जिलों से मांगी गई जानकारी
राजस्व विभाग ने सभी जिला प्रशासन से मौजूदा पटवार सर्किलों की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां नए सर्किल बनाने या मौजूदा सर्किलों में बदलाव की जरूरत है।
नई व्यवस्था की मुख्य बातें
- एक सामान्य पटवार सर्किल में लगभग 2000 एकड़ कृषि योग्य भूमि शामिल होगी।
- स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार यह सीमा 1500 से 2500 एकड़ तक रखी जा सकेगी।
- सर्किल निर्धारण में आबादी और राजस्व कार्यों की संख्या को भी महत्व दिया जाएगा।
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों में छोटे पटवार सर्किल बनाए जा सकते हैं।
- कम आबादी वाले इलाकों में एक पटवारी के अधीन अधिक भूमि क्षेत्र रखा जा सकेगा।





















