Gurugram नगर निगम ने शहर में बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कॉमर्शियल कंपनियों के कार्यालयों को सील कर दिया। इन दोनों संस्थानों पर कुल मिलाकर 70 लाख रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब संबंधित कंपनियों ने कर का भुगतान नहीं किया, तब नगर निगम ने यह कदम उठाया।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में लंबे समय से कई व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया चल रहा है। निगम प्रशासन लगातार नोटिस जारी कर लोगों को बकाया जमा करने के लिए प्रेरित कर रहा है, लेकिन कई मामलों में चेतावनी के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा। ऐसे मामलों में अब निगम सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।
बकाया कर पर पहली कार्रवाई सेक्टर-16 में ?
नगर निगम की जोन-4 टीम ने सबसे पहले सेक्टर-16 क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां स्थित एम/एस टेकप्रो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय को सील किया गया। यह कंपनी जेएमडी पैसिफिक स्क्वायर की ग्राउंड फ्लोर यूनिट जीएफ-202 और 204 में संचालित हो रही थी। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इस संपत्ति पर करीब 34 लाख 61 हजार 639 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था।
अधिकारियों के मुताबिक कंपनी को कई बार नोटिस भेजकर बकाया राशि जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार संपत्ति को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे तथा सीलिंग की पूरी प्रक्रिया को प्रशासनिक नियमों के तहत पूरा किया गया।
निगम अधिकारियों ने बताया कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करना है। प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण स्रोत होता है, जिससे शहर में सड़क, सफाई, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाता है।
सेक्टर-30 के स्टार मॉल में दूसरी सीलिंग ?
पहली कार्रवाई के बाद निगम की टीम ने सेक्टर-30 स्थित स्टार मॉल में भी एक और बड़ी कार्रवाई की। यहां पीबीजे एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड की यूनिट एलजी-14 को सील कर दिया गया। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार इस संपत्ति पर 35 लाख 48 हजार 307 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था।
निगम प्रशासन के अनुसार इस कंपनी को भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यदि निर्धारित समय तक बकाया राशि जमा नहीं की गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर यूनिट को सील कर दिया।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार निगम की यह कार्रवाई शहर में अन्य करदाताओं के लिए भी एक संदेश है कि बकाया टैक्स को लेकर प्रशासन अब कोई ढील नहीं बरतेगा। कई व्यापारी मानते हैं कि समय पर टैक्स जमा करने से ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।
निगम की चेतावनी: बकाया कर नहीं चुकाया तो होगी सख्त कार्रवाई ?
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि जिन संपत्ति मालिकों पर कर बकाया है, उन्हें समय रहते भुगतान कर देना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो निगम प्रशासन नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम ने शहर के कई इलाकों में बकाया संपत्तियों की सूची तैयार की है। जिन संस्थानों या संपत्ति मालिकों ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग जोन की टीमों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
नगर निगम का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स से मिलने वाली राशि शहर के विकास कार्यों में खर्च की जाती है। सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का रखरखाव, जल निकासी व्यवस्था और सफाई जैसी सेवाएं इसी फंड से संचालित होती हैं। इसलिए सभी नागरिकों और व्यावसायिक संस्थानों का दायित्व है कि वे समय पर टैक्स जमा करें।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपना बकाया जल्द से जल्द जमा कर दें। इससे उन्हें किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई से बचने में मदद मिलेगी। वहीं निगम भी भविष्य में शहर के विकास कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ा सकेगा।
















