हरियाणा के Jind जिले में दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जींद डिपो की किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली एक बस ने बड़ौदा गांव के पास खड़े मालवाहक वाहन (टाटा एस) को टक्कर मार दी, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे पलट गई। इस दुर्घटना में बस में सवार करीब 32 यात्री घायल हो गए, जबकि बस चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल चालक को नागरिक अस्पताल से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है।
हादसा शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि बस टोहाना से जयपुर के लिए रवाना हुई थी और रास्ते में यह दुर्घटना हो गई। बस में लगभग 50 यात्री सवार थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह ?
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार हादसे के समय बस चालक संदीप मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल कर रहा था। यात्रियों ने उसे कई बार फोन पर बात करने से मना भी किया, लेकिन उसने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। बताया जा रहा है कि बस की रफ्तार भी काफी तेज थी। इसी दौरान चालक का ध्यान भटक गया और वह बस से संतुलन खो बैठा।
बस पहले हाईवे किनारे खड़े एक टाटा एस मालवाहक वाहन से टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस डिवाइडर से टकराते हुए सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों को सीटों और सामान के बीच चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया ?
दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। नागरिक अस्पताल उचाना में सुबह करीब 10:30 बजे से घायल यात्रियों को लाया जाना शुरू हो गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुल 24 घायल पहले उचाना अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जींद के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉ. सुशील गर्ग, एसएमओ नागरिक अस्पताल उचाना के अनुसार लगभग 18 यात्रियों को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई। वहीं बस चालक संदीप की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है।
घायलों में बस चालक संदीप, परिचालक सुरेंद्र, करसिंधु निवासी मानसी, कापड़ो निवासी अंकित, खरल निवासी कमल, डूमरखा निवासी अंग्रेजो, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) निवासी विनय, नरवाना के हरिनगर निवासी नीलम, सुरजाखेड़ा निवासी नवीन, ढाकल निवासी प्रवीन, खरड़वाल निवासी राजपति, डूमरखा कलां निवासी पाली और अनिल सहित कई अन्य यात्री शामिल हैं।
मालवाहक चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा ?
जिस मालवाहक वाहन को बस ने टक्कर मारी, उसका चालक पंकज उचाना का रहने वाला है। उसने बताया कि वह अपनी गाड़ी का काम करवाने के लिए जींद जा रहा था। रास्ते में उसे शौच के लिए रुकना पड़ा, इसलिए उसने अपनी टाटा एस को हाईवे किनारे खड़ा कर दिया और कुछ दूरी पर चला गया।
इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। पंकज ने बताया कि अगर वह उस समय वाहन में मौजूद होता तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। उसकी किस्मत अच्छी रही कि वह गाड़ी में नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई।
पुलिस जांच में जुटी, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल ?
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक का मोबाइल फोन पर व्यस्त होना और बस की तेज रफ्तार हादसे का मुख्य कारण हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक होता है और इससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

















