Haryana सरकार ने राज्य के जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विभिन्न जिलों में गरीब और पात्र परिवारों के लिए 8.76 लाख लीटर केरोसिन (मिट्टी का तेल) आवंटित करने की घोषणा की है। इस फैसले से खासतौर पर उन परिवारों को राहत मिलेगी जो आज भी खाना पकाने या अन्य घरेलू कामों के लिए केरोसिन पर निर्भर हैं।
सरकार का कहना है कि यह कोटा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें उचित कीमत पर केरोसिन उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत ?
राज्य में कई ऐसे परिवार हैं जो आज भी गैस सिलेंडर या अन्य आधुनिक ईंधन का उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे परिवारों के लिए केरोसिन एक महत्वपूर्ण ईंधन का काम करता है।
सरकार द्वारा जारी किए गए 8.76 लाख लीटर केरोसिन का वितरण उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से किया जाएगा। इससे गरीब परिवारों को बाजार में महंगे दामों पर तेल खरीदने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह वितरण पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिले।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत होगा वितरण ?
केरोसिन का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में राशन डिपो पर यह तेल उपलब्ध कराया जाएगा। राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में केरोसिन दिया जाएगा, ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई डिपो होल्डर या अधिकारी इसमें गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा होगी मांग ?
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी केरोसिन की मांग बनी हुई है। कई गांवों में लोग इसे खाना पकाने, लालटेन जलाने और अन्य छोटे-मोटे कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे में सरकार द्वारा जारी किया गया यह कोटा ग्रामीण परिवारों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन क्षेत्रों के लिए भी मददगार होगा जहां अभी भी ऊर्जा के अन्य साधन आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार ने पारदर्शिता पर दिया जोर ?
राज्य सरकार ने साफ किया है कि केरोसिन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी भी की जाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वितरण प्रक्रिया पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के हजारों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार केरोसिन का कोटा बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

















