हरियाणा: Haryana के सीएम नायब सैनी ने होली पर्व पर यानि 2 मार्च को दूसरी बार बजट पेश किया हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में रेवाड़ी जिले को बड़ी सौगात दी है। क्योंकि जल्द ही रेवाड़ी में करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से एक मिल्क प्लांट स्थापित किया जाएगा। सबसे अहम बताया है इस प्लाट की प्रतिदिन क्षमता 5 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी।
रेवाड़ी के किसानों की हुई बल्ले: बता दे कि रेवाड़ी का दूध उत्पादन हरियाणा के औसत से अधिक है और यहां दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता भी उच्च है। जिले का दूध उत्पादन 4.34 लाख टन है, जो राज्य के कुल उत्पादन का 3.73 % है। इतना ही नहीं बकरी के दूध उत्पादन में जिला 4240 टन उत्पादन करके राज्य में 5वें स्थान पर है जो राज्य के कुल उत्पादन का 8% है।
5 लाख लीटर होेगी दूध प्रसंस्करण: बता दे कि रेवाड़ी बनने वाले इस प्लाट की प्रतिदिन क्षमता 5 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुग्ध उद्योग को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसी वजह से इस प्लांट की जरूरत और महत्व यहां अधिक है।
इसके साथ ही यह मिल्क प्लांट आधुनिक तकनीक और प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस होगा जिससे दूध की गुणवत्ता और वितरण में सुधार होगा. लिया है जिसकी प्रतिदिन क्षमता 5 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी।
प्लांट में आधुनिक तरीके से प्रसंस्करण, पैकेजिंग और भंडारण किया जाएगा जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इस प्लांट के शुरू होने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ऐसे में रेवाड़ी में नए दूग्ध प्लांट की स्थापना से किसानों और डेयरी उद्योग को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इतना ही नहीं इस प्लांट से हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेग।
दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी जिले की बात करें तो यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और साइबर सिटी गुरुग्राम से बिल्कुल सटा हुआ है।
इन दोनों ही जगहों पर हरियाणा की देशी नस्ल की भैंस व गाय के दूध की बहुत ज्यादा डिमांड रहती है। ऐसे में रेवाड़ी में नए दूग्ध प्लांट की स्थापना से किसानों और डेयरी उद्योग को बड़ा बूस्ट मिलेगा। यह प्लांट आधुनिक तकनीक और प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस होंगे जिससे दूध की गुणवत्ता और वितरण में सुधार आएगा।

















