IGU Rewari: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के विधि विभाग द्वारा दो दिवसीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न संस्थानों की 16 टीमों ने भाग लिया। इनमें श्रीमती शांति देवी लॉ कॉलेज, सहारनवास; पीआरबीएस कॉलेज, खटोद; केशव लॉ कॉलेज, कोसली तथा विश्वविद्यालय शैक्षणिक विभागों की टीमें शामिल रहीं।

प्रतियोगिता चार चरणों—प्रारंभिक दौर, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल—में आयोजित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने वकालत कौशल, कानूनी शोध क्षमता और न्यायालयीन व्यवहार का प्रभावी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विधि पेशे की गरिमा बनाए रखने और मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री नरेश कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सुधीर कुमार मुद्गिल (गुरुग्राम एवं पटौदी बार), डीएलएसए डिफेंस काउंसल झज्जर श्री गौतम लूनीवाल, सहायक लोक अभियोजक श्री विनीत चौधरी, नारनौल बार के सचिव श्री प्रदीप कुमार तथा अधिवक्ता झज्जर श्री दीपक कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इसी के साथ निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों को वकालत से संबंधित कई उपयोगी सुझाव दिए।
इस अवसर पर श्री सुधीर कुमार मुद्गिल ने विद्यार्थियों से कहा कि एक अच्छे अधिवक्ता के लिए ईमानदारी, तैयारी, स्पष्ट तर्क, आत्मविश्वास और न्यायालय के प्रति सम्मान बहुत जरूरी है।

मूट कोर्ट स्पर्धा में मुख्य अतिथि श्रीमान रिपुदमन गुप्ता जी, अध्यक्ष केलपी एजुकेशन सोसाइटी, पब्लिक एजुकेशन बोर्ड एवम् विशिष्ट अतिथि श्रीमान दुर्गा दत्त गोयल जी, सचिव, हरियाणा प्रदेश वैश्य महासम्मेलन रहे व स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।
इस स्पर्धा के परिणाम इस प्रकार रहे –
विजेता: विश्वविद्यालय क्षेत्र के विभाग की टीम – प्रिया, युधिष्ठिर और चंचल
उपविजेता: श्रीमती शांति देवी लॉ कॉलेज, सहारनवास – विशाखा, सोनिया और अंजलि
विशेष पुरस्कार—
सर्वश्रेष्ठ मूटेर: प्रिया (यूटीडी)
सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल: यूटीडी (कंवर सिंह, हरीश और चरणदीप – द्वितीय वर्ष)
सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता: निधि (तृतीय वर्ष)
यह प्रतियोगिता विधि विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर तेज सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि विधि विभाग के विद्यार्थियों के कौशल निर्माण हेतु भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों का आयोजन विधि विभाग करता रहेगा। प्रतियोगिता से विद्यार्थियों को अदालत की कार्यवाही की बेहतर समझ मिली और उनके शोध व तर्क कौशल में भी निखार आया।

















