HTET EXAM: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के लिए हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करना अब बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है। फरवरी माह में कराई जाने वाली एचटेट परीक्षा वास्तव में एचटेट 2025 मानी जाएगी, जबकि इसके बाद नवंबर 2026 में संभावित परीक्षा को उसी वर्ष की एकमात्र एचटेट के रूप में गिना जाएगा। ऐसे में तकनीकी रूप से साल में दो बार एचटेट कराने की योजना पूरी तरह साकार नहीं हो पा रही है और व्यवहार में केवल एक बार ही परीक्षा हो सकेगी।
बोर्ड ने पहले परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या और रुझान को देखते हुए एचटेट को साल में दो बार कराने का शेड्यूल तय किया था। हर सत्र में करीब ढाई से तीन लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि यह प्रस्ताव सरकार से मंजूरी मिलने और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों की व्यवस्था में ही उलझकर रह गया। अनुमति और टेंडर प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण बोर्ड समय पर दो परीक्षाएं आयोजित करने की स्थिति में नहीं पहुंच पा रहा है।
एचटेट की प्रक्रिया केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है। आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की फिजिकल वेरिफिकेशन और फिर समय पर परिणाम घोषित करना, ये सभी चरण काफी समय लेते हैं। लाखों परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने के बाद बोर्ड पर रिजल्ट जल्द जारी करने का भी दबाव रहता है। इसके अलावा एचटेट के आयोजन से पहले हरियाणा सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। अनुमति मिलने के बाद ही बोर्ड परीक्षा संचालन के लिए एजेंसियों को नियुक्त करने की टेंडर प्रक्रिया शुरू करता है, जिससे पूरी प्रक्रिया और लंबी हो जाती है।
जानिए कितने अभ्यर्थियों ने किया आवेदन: एचटेट 2025 के लिए कुल 2 लाख 33 हजार 251 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें लेवल-1 पीआरटी के 41 हजार 54, लेवल-2 टीजीटी के 1 लाख 19 हजार 120 और लेवल-3 पीजीटी के 73 हजार 77 अभ्यर्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा का संचालन और प्रबंधन अपने आप में एक बड़ा कार्य बन जाता है।
दो बार किया शेडयूल तैयार: बता दे कि बोर्ड के अनुसार एचटेट को साल में दो बार कराने का शेड्यूल तय है, लेकिन विभिन्न कारणों से एचटेट 2025 का आयोजन फरवरी में किए जाने की संभावना है। इसके बाद नवंबर में दोबारा एचटेट कराने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। जो अभ्यर्थी फरवरी में होने वाली परीक्षा में सफल नहीं हो पाते, उन्हें नवंबर में फिर से आवेदन कर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिल सकता है। हालांकि यह पूरी तरह सरकार की मंजूरी और प्रशासनिक तैयारियों पर निर्भर करेगा।

















