Breaking news:अलवर जिले के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में करीब ढाई हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इन फैक्ट्रियों में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रमिक और कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में लोग भिवाड़ी और आसपास के इलाकों में ही निवास करते हैं। इतना बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां लंबे समय से सिटी बस सेवा का अभाव बना हुआ है। इस कारण रोजाना फैक्ट्रियों में आने-जाने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों, रिहायशी कॉलोनियों और आसपास के गांवों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। सिटी बस सेवा नहीं होने के चलते श्रमिकों को निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। बड़ी संख्या में लोग भीड़भाड़ वाले ऑटो, टेंपो या अन्य असुरक्षित वाहनों से यात्रा करने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के समय फैक्ट्रियों की शिफ्ट बदलने के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। सीमित साधनों में अधिक यात्रियों को बैठाने के कारण न सिर्फ असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों और उद्योग कर्मियों का कहना है कि सिटी बस सेवा शुरू होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी काफी आसान हो सकती है। वर्तमान में परिवहन पर अधिक खर्च होने के कारण श्रमिकों की आमदनी पर भी असर पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों से भिवाड़ी पहुंचने में काफी समय लग जाता है, जिससे उनका अधिकांश समय सफर में ही बीत जाता है। इससे न सिर्फ शारीरिक थकान बढ़ती है, बल्कि कार्यक्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है।
औद्योगिक संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई जाती रही है। उनका कहना है कि एक सुनियोजित बस सेवा से भिवाड़ी के औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलेगी और श्रमिकों को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लंबे समय से चली आ रही समस्या पर कब ठोस कदम उठाता है और भिवाड़ी के हजारों श्रमिकों को राहत मिलती है।

















