हरियाणा सरकार ने एलाइड सर्विस व HCS का सिलेबस किया जारी, जानिए पहले से क्या है बदलाव

On: January 9, 2026 8:07 PM
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हरियाणा: हरियाणा सरकार की ओर से हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) और एलाइड सर्विस भर्ती परीक्षा के लिए नया सिलेबस जारी कर दिया गया है। इस बार प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न पहले की तरह ही रखा गया है, लेकिन मुख्य परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के बाद अब सिलेबस में भी अहम परिवर्तन किया गया है। सरकार की योजना के तहत इस भर्ती प्रक्रिया में 150 से अधिक पदों को विज्ञापित किया जा सकता है, जिनमें से 25 से 30 पद हरियाणा सिविल सर्विस के होने की संभावना है।

 

भर्ती का विज्ञापन जल्द होगा जारी: इस बदलाव से परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से इस भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जा सकता है। सरकार की योजना के तहत इस भर्ती प्रक्रिया में 150 से अधिक पदों को विज्ञापित किया जा सकता है, जिनमें से 25 से 30 पद हरियाणा सिविल सर्विस के होने की संभावना है। हाल ही में हुए एचसीएस कैडर रिव्यू के बाद राज्य में 61 पद रिक्त हो चुके हैं।

 

वर्ष 2023 में अंतिम बार एचसीएस परीक्षा आयोजित की गई थी, जबकि 2024 और 2025 में कोई भर्ती नहीं हुई। ऐसे में लंबे समय से लंबित भर्तियों के कारण पदों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बता दे कि हाल ही में हुए एचसीएस कैडर रिव्यू के बाद राज्य में 61 पद रिक्त हो चुके हैं।

कुल 600 अंकों की होगी परीक्षा‘ बता दें कि सिलेबस के अनुसार मुख्य परीक्षा अब कुल 600 अंकों की होगी। इसमें छह पेपर शामिल होंगे और सभी पेपर 100-100 अंकों के होंगे। चार पेपर जनरल स्टडी से संबंधित होंगे, जबकि दो पेपर हिंदी और अंग्रेजी भाषा के होंगे। विशेष बात यह है कि जनरल स्टडी के तीन पेपरों में हरियाणा से जुड़े मुद्दों पर आधारित प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

तीन घंटे का समय : सभी प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित किया गया है। भाषा या साहित्य के पेपर को छोड़कर अभ्यर्थियों को अन्य सभी पेपर हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में लिखने का विकल्प दिया गया है।

साक्षात्कार के लिए 75 अंक निर्धारित: मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार के लिए 75 अंक निर्धारित किए गए हैं। मुख्य परीक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा के पेपर में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी रहेगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की कटऑफ में राहत देते हुए इसे 45 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत तक किया जा सकता है।

अभ्यर्थियों के लिए फायदेमंद: इस बदलाव को यूपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि नया सिलेबस काफी हद तक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से मेल खाता है। हालांकि, पुराने सिलेबस के अनुसार तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अब अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। प्रारंभिक परीक्षा अप्रैल माह में होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए सीमित समय रह गया है।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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