हरियाणा में बाढ़ नियंत्रण को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यभर में बाढ़ से निपटने के लिए 637.25 करोड़ रुपये की लागत वाली 388 योजनाओं को मंजूरी दी। इन योजनाओं का उद्देश्य नदियों, नालों और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत कर मानसून के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना है।
सीएम ने ली बैठक, ये दिए निर्देश: बता दे कि बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने नदियों के तटबंधों को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आधुनिक स्टोन स्टड तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे तटबंधों की मजबूती बढ़ेगी और कटाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा।
बड़े स्तर पर तैयारी शुरू: हरियाणा में बाढ़ नियंत्रण को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 57वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यभर में बाढ़ से निपटने के लिए 637.25 करोड़ रुपये की लागत वाली 388 योजनाओं को मंजूरी दी। इन योजनाओं का उद्देश्य नदियों, नालों और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत कर मानसून के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आधुनिक स्टोन स्टड तकनीक अपनाने के निर्देश: बैठक में मुख्यमंत्री ने नदियों के तटबंधों को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आधुनिक स्टोन स्टड तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे तटबंधों की मजबूती बढ़ेगी और कटाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण होगा। सभी स्वीकृत योजनाओं के टेंडर जनवरी माह के अंत तक जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्य समय पर शुरू होकर मानसून से पहले पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने यमुना नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी गिराने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात दोहराते हुए एसटीपी और सीईटीपी के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नियमित ग्राउंड मॉनिटरिंग करने के निर्देश : इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में नियमित ग्राउंड मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करना है, ताकि आम जनता को बाढ़ से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
टेंडर जनवरी माह के अंत : सभी स्वीकृत योजनाओं के टेंडर जनवरी माह के अंत तक जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्य समय पर शुरू होकर मानसून से पहले पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने यमुना नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी गिराने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात दोहराते हुए एसटीपी और सीईटीपी के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भिवानी-घग्गर ड्रेनेज की बढेगी क्षमता: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भिवानी-घग्गर ड्रेनेज की क्षमता बढ़ाने के कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2023 और 2025 में आई बाढ़ के अनुभवों से सबक लेते हुए मानसून से पहले सभी नालों और ड्रेनों की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारियां पूरी रखी जाएं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में नियमित ग्राउंड मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

















