Breaking News: हरियाणा के जिला रेवाड़ी को नए साल पर स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जिले के नाहड़, जाटूसाना और धारूहेड़ा ब्लॉक में चार नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुड़ियानी, जाटूसाना, बख्तापुर और लिलोढ़ गांव में बनने वाले इन पीएचसी पर कुल 14.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लोक निर्माण विभाग की ओर से इसके लिए टेंडर आमंत्रित कर लिए गए हैं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
धारूहेड़ा में बनेगी इस गावं में नई पीएचसी: धारूहेड़ा ब्लॉक के गांव बख्तापुर में प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की लागत 3.60 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। औद्योगिक क्षेत्र से सटे होने के कारण यहां आबादी तेजी से बढ़ रही है। पीएचसी के निर्माण से न केवल ग्रामीणों बल्कि आसपास के उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों और कामगारों को भी स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
गुडियानी में बनेगी पीएचसी: नाहड़ ब्लॉक के गांव गुड़ियानी में बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की अनुमानित लागत 3.50 करोड़ रुपये तय की गई है। वर्तमान में यह पीएचसी एक धर्मशाला में संचालित हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती हैं। लंबे समय से ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। नए भवन के निर्माण से प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और नियमित जांच सुविधाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।Breaking News
जाटूसाना में पीएचसी निर्माण पर 3.77 करोड़ रुपये खर्च: जाटूसाना ब्लॉक के जाटूसाना गांव में पीएचसी निर्माण पर 3.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल यह स्वास्थ्य केंद्र पंचायत भवन में चल रहा है। क्षेत्र में जनसंख्या अधिक होने के कारण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बना रहता है। नया पीएचसी बनने से ग्रामीणों को इलाज के लिए रेवाड़ी शहर या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती मिलेगी।Breaking News
भाडावास का पीचसी होगा अपग्रेड: सरकार ने भाड़ावास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की मंजूरी भी दे दी है। अपग्रेडेशन के बाद यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक जांच सुविधाएं, इमरजेंसी सेवाएं और अधिक बेड की व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे भाड़ावास सहित आसपास के गांवों के लोगों को गंभीर बीमारियों और आपात स्थिति में बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा।
तेंडर प्रकिया जारी: बता दे कि इन सभी टेंडरों की अंतिम तिथि 1 जनवरी 2026 तय की गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। विरेंद्र, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग।

















