Haryana News: हरियाणा में सांस लेना हुआ मुश्किल! 10 दिन से AQI 300 पार, जिम्मेदार अधिकारी अब भी सोए!

On: March 21, 2026 8:28 PM
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Haryana News: हरियाणा में सांस लेना हुआ मुश्किल! 10 दिन से AQI 300 पार, जिम्मेदार अधिकारी अब भी सोए!

Haryana News: जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक सीमा पार कर चुका है। पिछले 10 दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर बना हुआ है, लेकिन संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उपायुक्त (DC) को GRAP (Graded Response Action Plan) के नियमों को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी करने पड़े हैं। इसके बावजूद शहर में कई जगहों पर निर्माण कार्य जोरों पर चल रहे हैं। सड़कों और डिवाइडरों के किनारे जमा धूल-मिट्टी की सफाई नहीं की जा रही है। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 9 बजे AQI का स्तर 307 दर्ज किया गया।

लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। हवा में मौजूद धूल और धुएं के कारण सांस संबंधी रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। सिविल अस्पताल के OPD में सांस की समस्या और आंखों में जलन की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह में काफी बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से एलर्जी, अस्थमा और आंखों में इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि शाम 4 बजे के बाद AQI थोड़ा घटकर 298 पर पहुंचा, लेकिन राहत की कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि हवा की गुणवत्ता लगातार ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

GRAP के बावजूद निर्माण कार्य जारी, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

सरकार द्वारा GRAP लागू किए जाने के बावजूद 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य है। लेकिन शहर के कई इलाकों में इस नियम की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। बिना अनुमति के निर्माण कार्य जारी हैं, और निर्माण मलबा खुले में फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं, कूड़ा-कचरा जलाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ रहा है। स्थानीय निवासी प्रशासन की कार्यशैली से नाराज हैं और पूछ रहे हैं कि अगर GRAP लागू है, तो उस पर अमल कौन करेगा?

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा: “कड़ी निगरानी और कार्रवाई होगी”

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निपुण गुप्ता ने कहा, “GRAP के तहत 500 वर्ग मीटर से अधिक के सभी निर्माण कार्यों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाना चाहिए। निर्माण मलबा केवल निर्धारित स्थल पर ही फेंका जा सकता है। हमारी टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुले में कूड़ा जलाने या निर्माण मलबा फैलाने जैसी गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र का प्रदूषण स्तर बढ़ता है और सभी की सेहत पर असर पड़ता है।

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सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

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