RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोगों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कमी की है। इसके बाद अब आम लोगों को इसका खूब फायदा मिलने वाला है। इससे लोन पर ब्याज और ईएमआई कम होगी।
आम आदमी को क्या फायदा?
रेपो रेट कम होने से बैंकों को RBI से कम ब्याज दरों पर पैसा मिलेगा, जिसका सीधा फायदा कर्जदारों को होगा। नए और पुराने दोनों तरह के लोन, जो रेपो रेट से जुड़े हुए हैं, सस्ते हो जाएंगे। खासकर होम लोन लेने वालों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि उनकी EMI का बोझ कम होगा।
उदाहरण के तौर पर (8% की दर पर 20 साल के लोन के लिए):
| लोन राशि | पुरानी EMI | नई EMI | बचत |
| :——- | :——– | :—— | :—- |
| 20 लाख | 16,728 | 16,112 | 616 |
| 30 लाख | 25,093 | 24,168 | 925 |
| 40 लाख | 33,458 | 32,224 | 1,234 |
| 50 लाख | 41,822 | 40,280 | 1,542 |
(सभी राशि रुपये में, बचत राशि प्रति महीना)
बैंकों पर असर:
RBI ने साथ ही बैंकों के कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में भी 1% की कटौती की है। CRR वह फंड होता है जो बैंकों को अपनी कुल जमा का कुछ हिस्सा RBI के पास रखना होता है। CRR में कमी से बैंकों के पास लोन देने के लिए ज्यादा पैसा रहेगा, जिससे बाजार में तरलता (liquidity) बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इससे 2.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैश मिलेगा और बैंक ज्यादा लोन दे सकेंगे।
FD पर ब्याज:
रेपो रेट में कटौती का सीधा असर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ेगा। बैंक अपनी फंडिंग लागत कम होने के कारण FD पर मिलने वाले ब्याज दरों को भी कम करेंगे, जिससे बचत करने वालों को कम रिटर्न मिलेगा।
छोटे कर्जदारों को गोल्ड पर ज्यादा लोन:
RBI ने 2.5 लाख रुपये तक के गोल्ड लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो को 75% से बढ़ाकर 85% कर दिया है। यानी 1 लाख रुपये के गोल्ड की वैल्यू पर अब 85,000 रुपये तक का लोन मिल सकेगा, जो पहले 75,000 रुपये था। इससे छोटे कर्जदारों को क्रेडिट हासिल करने में आसानी होगी और कागजी कार्रवाई भी कम होगी।
कुल मिलाकर, RBI का यह कदम अर्थव्यवस्था में वृद्धि को बढ़ावा देने और कर्ज को सस्ता करके उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

















