Surya Grahan 2025: साल 2025 का आंशिक सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को अमावस्या के दिन होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस ग्रहण का विशेष महत्व होता है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 2:20 बजे शुरू हुआ और शाम 6:16 बजे समाप्त होगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण 3 घंटे 53 मिनट तक रहेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृष्टिगोचर नहीं होगा, इसलिए धार्मिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा और लोग सामान्य रूप से पूजा-पाठ, तर्पण व दान आदि कर सकेंगे।। इसे ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। Surya Grahan 2025
ग्रहण के दौरान कुछ जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से सावधानी बरतने का हो सकता है। हालांकि भारतीय संदर्भ में इसे अधिक महत्व नहीं दिया जाएगा क्योंकि यह यहां दिखाई नहीं देने वाला है। ग्रहण के प्रभाव और इसकी पात्रता के बारे में हमेशा स्थिति और चंद्रमा की स्थिति के अनुसार भी विचार किया जाता है।Surya Grahan 2025
इस तरह के खगोलीय घटनाओं को लेकर लोगों की रुचि बनी रहती है। ज्योतिषी इस दौरान विशेष सलाह भी देते हैं। बता दे कि भारत को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर में दिखेगा।Surya Grahan 2025
Surya Grahan में क्या करें और क्या नहीं?
- ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ नहीं करनी चाहिए।
- खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए।
- प्रेग्नेंट महिलाओं को ग्रहण के दौरान खास सावधानी बरतनी चाहिए
- प्रेग्नेंट महिलाओं घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढकें।
- इस दौरा खाना-पीना नहीं चाहिए।
- ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना, सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।

















