Haryana News: फर्जी आर्मी भर्ती रैकेट का खुलासा, हरियाणा पुलिस ने 3 आरोपी पकड़े

On: February 16, 2025 2:42 PM
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Haryana News: हरियाणा के दादरी जिले की पुलिस टीम ने सेना में भर्ती करवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह के तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय कुमार (निवासी लाखापुर, बिहार), अनिल कुमार (निवासी गड़रिया टोला) और दीपक कुमार (निवासी देवड़ा) के रूप में हुई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है। दरअसल, राजस्थान के झुंझुनू जिले के भालोट गांव के निवासी अमन ने दादरी सदर थाने में शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उसे सेना में भर्ती करवाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए।

अमन ने बताया कि वह मणकवास जोन में स्थित महालक्ष्मी क्रशर में मशीन ऑपरेटर का काम करता है और उसकी जान-पहचान रिश्तेदारी के कारण गांव समसपुर के निवासी नीरज कुमार से थी। 2 जुलाई 2021 को जब वह समसपुर गांव आया, तो नीरज ने बताया कि उसकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई है, जो पैसे लेकर सरकारी नौकरियों में भर्ती करवा सकते हैं।

 

पुलिस गिरफ्त में आर्मी भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य।
पुलिस गिरफ्त में आर्मी भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य।

कुछ दिनों बाद, नीरज ने अमन को बताया कि सुनील नामक व्यक्ति ने कहा है कि बिहार के दानापुर आर्मी कैंट में भारतीय सेना और मेस भर्ती चल रही है। 6 लाख रुपये में जनरल ड्यूटी सैनिक या क्लर्क की भर्ती करवाई जा सकती है।

भर्ती के नाम पर पैसे ऐंठे गए

नीरज ने अमन को यह भी बताया कि मेस में स्टोरकीपर या क्लर्क की भर्ती 8 लाख रुपये में करवाई जा सकती है। इस प्रक्रिया के तहत शुरू में 2 लाख रुपये देने होंगे, मेरिट में नाम आने पर 1.5 लाख रुपये और अंतिम जॉइनिंग के बाद शेष 2.5 लाख रुपये देने होंगे।

 

अमन ने बताया कि वह बेरोजगार था, इसलिए उसने नीरज की बातों पर भरोसा कर लिया और जुलाई 2021 में नीरज के खाते में 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद, नीरज और अमन दोनों बिहार के दानापुर गए, जहां कुछ लोगों ने उसका भर्ती फॉर्म भरवाया और कैंट के अंदर मेडिकल भी करवाया।

कुछ दिनों बाद, नीरज के फोन पर एक मेरिट लिस्ट भेजी गई और जब लिस्ट में अमन का नाम आया, तो उसने नीरज को समसपुर गांव में 1.5 लाख रुपये और दे दिए। 10-15 दिनों बाद, उसे डाक के माध्यम से एक जॉइनिंग लेटर मिला, जिसमें दानापुर आर्मी कैंट के कमांडेंट की सील लगी हुई थी।

फर्जी निकला ट्रेनिंग लेटर

जब अमन ने विशेषज्ञों से इस जॉइनिंग लेटर की जांच करवाई, तो यह फर्जी निकला। तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। उसने नीरज से पूछताछ की, तो पता चला कि गांव के कई अन्य युवाओं ने भी सुनील, गुरजीत कौर उर्फ गगन और गुरदीप को पैसे दिए थे, लेकिन उनके भी जॉइनिंग लेटर फर्जी निकले।

इसके बाद अमन ने दादरी सदर थाने में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

बिहार के रहने वाले हैं तीनों आरोपी

इस मामले की जांच करते हुए दादरी साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई संदीप की टीम ने शुक्रवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विजय कुमार (लाखापुर, बिहार), अनिल कुमार (गड़रिया टोला) और दीपक कुमार (देवड़ा) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही छह से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच अभी जारी है।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।  बेरोजगार युवाओं को सलाह दी जाती है कि किसी भी निजी एजेंट या दलाल के झांसे में न आएं और सरकारी भर्तियों की सही जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइटों से ही प्राप्त करें। अगर कोई व्यक्ति पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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