Haryana News: Belsonica Plant Manesar में यूनियन ने किया टूल डाउन, जानिए क्या है विवाद

On: March 30, 2023 9:30 PM
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गुरूग्राम: प्रबंधन अराजक तत्वों के (Belsonica Plant Manesar) माध्यम से कम्पनी में उकसावेपूर्ण कार्यवाहियों के माध्यम से अशांति पैदा करके तथा आरोप पत्र पर आरोप पत्र जारी करके यूनियन के संघर्ष को कुचलने में लगा हुआ हैै। ऐसी स्थिति में एक बार फिर से यूनियन को 30 मार्च को टूल डाउन करना पड़ा।रामनवमी पर युवाओ ने निकाली शोभा यात्रा

यूनियन को यह निर्णय तब लेना पड़ा जब प्रबंधन ठेकेदार और दो अन्य बाऊंसरों के माध्यम से लाइन पर 15 साल से काम कर रहे मज़दूरों को जबरन हटाने की कोशिश कर रहा था और साथ ही मारपीट करने की धमकी देकर उकसावेपूर्ण कार्यवाही कर रहा था।

ऑटोमोबाइल इण्डस्ट्री काण्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (AICWU) बेलसोनिका प्रबंधन की इस तानाशाही रवैइये की सख़्त निंदा करता है।

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गौर करने वाली बात बेलसोनिका प्रबंधन यह तब कर रहा है जब अतिरिक्त उपायुक्त महोदय की समाधान वार्ताओं में दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने के निर्देष जारी कर रहा है। इससे पहले भी बेलसोनिका प्रबंधन ने श्रम विभाग व अतिरिक्त उपायुक्त महोदय के साथ चल रही समझौता/समाधान वार्ताओं के दौरान 3 यूनियन पदाधिकारियों को दिनांक 17 मार्च 2023 को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद मज़दूरों को सामुहिक भूख हड़ताल के लिए मज़बूर होना पड़ा था।

बेलसोनिका (मानेसर) प्लाण्ट हरियाणा (Haryana )ज़िले में ऑटो सेक्टर हब में प्रथम टियर की कम्पनी है जो मुख्यतः मारुति के लिए कलपुर्जे (ऑटो कम्पोनेंट) बनाती है। मज़दूर लम्बे समय से अपनी माँगो व अधिकारों के लिए संघर्षरत है जो कि प्रबंधन को नागवार है। वास्तव बेलसोनिका कम्पनी प्रबंधन के छँटनी करके सस्ते, कच्चे और श्रम अधिकारों से वंचित मज़दूरों को भरती करने की योजना पर काम कर रहा है।

 

ज्ञात रहे कि इससे पहले यूनियन के 3 सदस्यों को बर्ख़ास्त और 3 यूनियन पदाधिकारियों को निलम्बित करने पर मज़दूरों द्वारा 26 मार्च (रविवार) को लघु सचिवालय पर डी.सी. ऑफिस के सामने 8 घण्टे की भूख हड़ताल पर जाना पड़ा था। उसके बाद प्रबंधन ने अपना हमला और तेज़ कर दिया है। जिसके चलते प्रबंधन ने बदले की भावना से 28 मार्च को क्वॉलिटी विभाग के रमेश व पारस नामक दो श्रमिकों को और 29 मार्च को दो यूनियन पदाधिकारियों पिंटू कुमार यादव व दिनेश सिंह को आरोप पत्र भी दिया और आज फिर नये सिरे से उकसावेपूर्ण कार्यवाही में लग गया है।

 

 

वही दूसरी तरफ़ श्रम विभाग द्वारा प्रबंधन पर कार्यवाही करने की बजाय यथास्थिति व शांति बनाये रखने के नाम पर प्रबंधन को खुली छूट दे रहा है। यह सब पुलिस की नाक के नीचे भी हो रहा है। यानी अब पुलिस के लिए क़ानून और व्यवस्था (लॉ एण्ड आर्डर) की कोई समस्या नहीं है। जिससे यह बात साफ़ ज़ाहिर हो जाती है कि प्रबंधन श्रम विभाग शासन-प्रशासन और पुलिस सब इस ताक में है कि मज़दूरों को उकसावेपूर्ण कार्यवाही के मज़बूर करके यूनियन नेतृत्व और तमाम सक्रिय व जागरूक मज़दूरों पर कार्यवाही करके संघर्ष को लगाम लगायी जा सके। ज़ाहिरा

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इस वक़्त जोश, होश और सतर्कता के साथ यूनियन नेतृत्व काम कर रहा है। इस वक़्त प्रबंधन, श्रम विभाग, पुलिस, शासन-प्रशासन व सरकार के गठजोड़ का मुकाबला फैक्ट्री के अन्दर एकजुट संघर्ष के अलावा फैक्ट्री के बाहर तमाम फैक्ट्री मज़दूरों, यूनियनों, संगठनों और तमाम, जनपक्षधर व इन्साफ़पसन्द लोगों को लामबन्द करके ही किया जा सकता है।
यह भी समझने की ज़रूरत है कि छँटनी की यह प्रकिया पूरे ऑटो सेक्टर में आपसी प्रतियोगिता के चलते गिरते मुनाफ़े की दर को कायम रखने के लिए मालिक अपना सारा बोझ मज़दूरों पर डाल कर रहें हैं। यह तभी सम्भव है अगर पक्के और लाभप्रद कैज़ुअल मज़दूरों को निकालकर सस्ते व कच्चे मज़दूरों से गुलामों की तरह काम करवाया जा सके।

ऑटोमोबाइल इण्डस्ट्री काण्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (AICWU) प्रबंधन की इस कार्यवाही की निंदा करता है और शासन-प्रशासन और हरियाणा सरकार से माँग करता है कि कम्पनी प्रबंधन की इन हरकतों पर तुरन्त रोक लगाये। वरना यह आन्देलन पूरे ऑटोसेक्टर से लेकर पूरी औद्योगिक पट्टी के आन्दोलन में तबदील कर दिया जायेगा।National News: पाकिस्तान सरकार के ट्विटर अकाउंट पर भारत मे वेन. पढिए देश भर की बडी खबरे

• बाउंसरों और असामाजिक तत्वों को फैक्ट्री परिसर से तत्काल बाहर किया जाये और उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की जाये!
• बदले की भावना से यूनियन सदस्यों व पदाधिकारियों को दिये गये सभी आरोप पत्रों को तुरन्त रद्द किया जाये!
• यूनियन के बर्ख़ास्त 3 मज़दूर साथियों को तत्काल काम पर वापस लो!
• यूनियन के निलम्बित 3 यूनियन पदाधिकारियों व सदस्यों को तत्काल पुनः बहाल करो!

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• बेलसोन्का प्रबन्धन की शह पर श्रम विभाग द्वारा यूनियन को जारी कारण-बताओ नोटिस’ तुरन्त रद्द करो!
• यूनियन व उसके सदस्यों को प्रताड़ित करना बन्द करो!
• ठेका प्रथा पर बन्द करो! स्थायी काम पर स्थायी रोज़गार, समान काम के लिए समान वेतन लागू करो!
• वीआरएस, फ़र्ज़ी दस्तावेज़, तथाकथित अनुशासनहीनता आदि के नाम पर छँटनी करना बन्द करो!
• कम्पनी परिसर में सभी श्रम क़ानूनों को सख़्ती से लागू करो!

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यानी तमाम कम्पनी प्रबंधन इसी प्रक्रिया को अपने-अपने प्लाण्टों में लागू करने में लगा हुआ है और प्रतिरोध की हर आवाज़ को दबाने के लिए हर रोज़ नये-नये हथकण्डे अपना रहें हैं। मालिक वर्ग और उसके लिए काम करने शासन-प्रशासन का मज़दूर वर्ग पर हमले का मुकाबला मज़दूर अपनी व्यापक एकजुटता के दम पर ही कर सकतें हैं। ऑटोसेक्टर के मज़दूरों की एकता हमारे लिए आसन्न कार्यभार है।

 

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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