रेवाड़ी: अगस्त और सितंबर में रेवाड़ी, जयपुर, फुलेरा, रींगस और भिवानी की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने फुलेरा-रींगस-रेवाड़ी रेलखंड पर दोहरीकरण और सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है। इस तकनीकी कार्य के चलते 12 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह दी है।
क्यों प्रभावित होगा रेल संचालन?
रेलवे फुलेरा, कुंड, पाली और खोरी स्टेशनों के बीच ट्रैक दोहरीकरण और नई सिग्नलिंग प्रणाली को जोड़ने का काम करेगा। इस कारण कई दिनों तक ब्लॉक रहेगा, जिससे कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द होंगी, कुछ परिवर्तित मार्ग से चलेंगी और कुछ ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से किया जाएगा।
ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द
• ट्रेन संख्या 19620 – रेवाड़ी-फुलेरा रेलसेवा
29 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कुल 27 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 19619 – फुलेरा-रेवाड़ी रेलसेवा
29 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कुल 27 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 19621 – फुलेरा-रेवाड़ी रेलसेवा
29 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कुल 27 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 59709 – जयपुर-भिवानी रेलसेवा
12 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कुल 44 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 59710 – भिवानी-जयपुर रेलसेवा
12 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक कुल 44 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 59633 – रेवाड़ी-रींगस रेलसेवा
29 और 30 अगस्त तथा 5, 6, 12, 13, 19 और 20 सितंबर 2026 को कुल 8 ट्रिप रद्द रहेंगी।
• ट्रेन संख्या 59634 – रींगस-रेवाड़ी रेलसेवा
29 और 30 अगस्त तथा 5, 6, 12, 13, 19 और 20 सितंबर 2026 को कुल 8 ट्रिप रद्द रहेंगी।
इन एक्सप्रेस ट्रेनों का बदलेगा मार्ग
ब्लॉक अवधि के दौरान निम्नलिखित लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा।
• दिल्ली–जैसलमेर एक्सप्रेस
• चंडीगढ़–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस
• गोंडा–दौराई एक्सप्रेस
• दौराई–टनकपुर एक्सप्रेस
ये ट्रेनें रेवाड़ी, अलवर, जयपुर और फुलेरा मार्ग से अपने गंतव्य तक जाएंगी। परिवर्तित मार्ग पर अलवर, बांदीकुई, दौसा, गांधीनगर जयपुर और जयपुर स्टेशन पर इनका ठहराव रहेगा।
कुछ ट्रेनों का संचालन रहेगा आंशिक
रेलवे ने कुछ रेल सेवाओं के शुरुआती और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव किया है। निर्धारित अवधि में कुछ ट्रेनें अपने मूल स्टेशन की बजाय दूसरे स्टेशन से चलाई जाएंगी या बीच के स्टेशन तक ही सीमित रहेंगी। ऐसे यात्रियों को यात्रा से पहले अपने टिकट और बोर्डिंग स्टेशन की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए।














