Rewari News: दाग अच्छे हैं…ऐसा लगता है रेवाडी जिले ने इस स्लोगन को उत्साह में इसे अपनी तारीफ मान बैठे हैं। तभी देशभर की स्वच्छता रैंकिंग में शहरों की सुधार करने की इच्छाशक्ति घुटने टेक चुकी है। अन्यमनस्कता का पैमाना ये है कि रैंकिंग में लुढ़कते शहर धड़ाम से आकर गिर रहे हैं। सबको पता है सफाई को लेकर रेवाड़ी के अधिकारी कितने गंभीर है।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन 100 प्रतिशत नहीं होने, डस्टबिन की कमी, घरों में ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं करने आदि कारणों से रेवाड़ी स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर जगह नहीं बन पाया। रेवाड़ी और धारूहेड़ा में सार्वजनिक शौचालयों की दशा ठीक नहीं। किसी भी वार्ड में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र नहीं हो पा रहा है। आलम यहां तक है कि कूडे को निस्तारण के आड में कूडे को आग के हवाले कर दिया जाता है। Rewari News
धारूहेड़ा को मिल चुका है अवार्ड: बता दे कि 2020 में नगर पालिका धारूहेड़ा स्चछता अवार्ड मिल चुका है। लेकिन इस सफाई व्यवस्था का मेनटेन नहीं किया गया है। यहीं कारण है नपा सफाई की पोल हर साल खुलती जा रही हैं
कूडा उठाने का खेल: कूडा उठाने के लिए नपा में खूब गोल माल हो रहा है। इसको लेकर अधिकारी सफाई के नाम पर आम जनता का लूट रहे है। न तो कूडे उठाय जाता है तथा नही निष्तारण किया जाएगा। कूड का आग के हवाले करके अपना पल्ला डाल लेते है।
यहां जानिए जिले की रैंक
साल रेवाड़ी बावल धारूहेड़ा
2018 254 409 541
2019 264 536 716
2020 118 112 141
2021 190 472 123
2022 140 35 16
2023 758 246 186
2024 470 1270 637

















