रेवाड़ी : पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैप्टन अजय सिंह यादव जी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना, अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सरकार की नीतियों से असहमति रखने वाले युवाओं को FIR और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के युवा साथियों के खिलाफ FIR दर्ज करना और गिरफ्तारियां करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं के परिजनों को भी परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवा डरने वाले नहीं हैं। वे अपने भविष्य, रोजगार और अपने अधिकारों को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने के बजाय युवाओं पर पुलिस कार्रवाई करना और उनके परिवारों को परेशान करना समस्या का समाधान नहीं है।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि युवाओं की आवाज को दबाने का रास्ता लोकतंत्र को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करता है। सरकार को पुलिस और FIR के पीछे छिपने के बजाय युवाओं के बीच जाकर उनकी बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज देशभर में Gen-Z और युवा अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनकी लोकतांत्रिक असहमति को दबाने के लिए सत्ता और प्रशासन का इस्तेमाल करना गलत परंपरा को जन्म देता है। हरियाणा में भी यदि युवाओं की आवाज को दबाने के लिए इसी तरह का रवैया अपनाया गया तो यह प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
कैप्टन अजय सिंह यादव जी ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें संविधान के माध्यम से विचार की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक असहमति का अधिकार दिया है। इन अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि उन्हें कुचलना।
उन्होंने मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ दर्ज FIR और गिरफ्तारियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए तथा उनके परिजनों को किसी भी प्रकार से परेशान न किया जाए।
युवा सवाल पूछेगा, अपने अधिकारों की आवाज उठाएगा और लोकतंत्र में अपनी बात मजबूती से रखता रहेगा। सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर संवाद और समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए।














