Rewari Water Crisis: MLA ने अधिकारियों की रिपोर्ट पर उठाए सवाल, विधानसभा में गूजा रेवाड़ी में पानी किल्लत का मुद्दा

On: March 7, 2026 8:36 PM
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Rewari Water Crisis: रेवाड़ी शहर की प्यास बुझाने को लेकर रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा के बजट सत्र में एक बार फिर इस मांग को प्रमुखता से उठाया है। कहा कि रेवाड़ी में 40 सेक्टर है। जिनमें से 14 सेक्टरों में शहर के लोग रह भी रहे हैं। जिनमें पानी की आपूर्ति के लिए एक ही टैंक है, जो 4.54 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर रहा है। यह पानी इन सेक्टरों के लिए भी पर्याप्त नहीं है।Rewari Water Crisis

इतना ही नहीं उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आंकड़ों की बजाय रेवाड़ी को पर्याप्त पानी दिए जाने की दिशा में जल्द कदम उठाएं जाएं। रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव ने विधानसभा में रेवाड़ी के पेयजल संबंधी पुरानी मांग को पुन: उठाते हुए कहा किइसके अलावा छह ट्यूबवैल भी लगे हुए हैं। लेकिन उनका टीडीएस इतना खराब है कि वह इस्तेमाल करने लायक ही नहीं है।Rewari Water Crisis

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तीन दिन में एक बार पानी पानी: उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रेवाड़ी में तीन दिन में एक बार पानी आ रहा है। यदि पानी पूरा आ रहा है तो फिर लोगों को पर्याप्त पेयजल क्यों नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं पानी की मात्रा को मापने के लिए जाएंगे तथा देखेंगे कि कितना पानी दिया जा रहा है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि रेवाड़ी की प्यास बुझाने के लिए बनाए जाने वाले दूसरे बड़े टैंक की क्षमता को कई गुणा बढ़ाने का कार्य करें, ताकि रेवाड़ी शहर की प्यास को बुझाया जा सके।उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने स्वयं माना है कि रेवाड़ी को 20 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। जबकि विभाग की ओर से यह बताया जा रहा है कि 14 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जी रही है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल कागजी आंकड़े हो सकते हैं, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं है। क्योंकि इन सेक्टरों के अलावा इनसे तीन गुणा अधिक क्षेत्र में रेवाड़ी शहर बसा हुआ है। जब सेक्टरों को ही पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है तो पूरे शहर को पर्याप्त पानी कैसे मिल सकता है।

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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