Haryana: रेवाड़ी नगर परिषद में चेयरमैन पद को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल आज 22 जनवरी को नए मोड़ पर पहुंचने वाली है। पंचकूला में होने वाले ड्रॉ के जरिए यह तय होगा कि नगर परिषद चेयरमैन की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगी। ड्रॉ में यदि सीट सामान्य या महिला वर्ग के लिए निकलती है, तो नगर परिषद की चौधर की जंग लड़ने का सपना देख रहे अधिकांश दावेदारों के लिए रास्ता खुल जाएगा। वहीं सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होने की स्थिति में भी बहुत सीमित संख्या में दावेदार ही दौड़ से बाहर होंगे।
हालांकि राजनीतिक समीकरण उस स्थिति में पूरी तरह बदल सकते हैं, जब चेयरमैन की सीट अनुसूचित जाति कोटे में चली जाती है। ऐसी स्थिति में पिछले कई महीनों से सक्रिय और खुद को मजबूत दावेदार मान रहे अनेक चेहरों की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है। इसी वजह से आज होने वाले ड्रॉ पर न सिर्फ दावेदारों बल्कि राजनीतिक दलों की भी निगाहें टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि रेवाड़ी नगर परिषद में पिछले करीब 15 वर्षों में से लगभग 6 साल तक प्रशासक का शासन रहा है। नगर परिषद का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद 19 जनवरी को एसडीएम सुरेश कुमार ने प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। नगर परिषद चुनाव फरवरी में प्रस्तावित बताए जा रहे हैं, लेकिन यदि किसी कारणवश फरवरी या मार्च में चुनाव नहीं हो पाए तो एक बार फिर नगर परिषद की कमान लंबे समय तक प्रशासन के हाथ में रह सकती है।
रेवाड़ी नगर परिषद में चुनावों का इतिहास भी देरी से भरा रहा है। वर्ष 2010 में प्रस्तावित चुनाव 2013 में कराए गए थे, जबकि 2018 के चुनाव दिसंबर 2020 में हुए। इसी देरी के चलते नगर परिषद का संचालन लंबे समय तक प्रशासक के जरिए किया गया। अब एक बार फिर वही स्थिति बनती नजर आ रही है।
इधर राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज है। चेयरमैन पद के लिए नए और पुराने कई चेहरे दावेदारी की दौड़ में शामिल हैं। अधिकांश दावेदार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के यहां हाजिरी लगाकर गुपचुप तरीके से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। खास तौर पर भाजपा समर्थक दावेदार फिलहाल खुलकर सामने आने से बच रहे हैं।
भाजपा ने चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही रेवाड़ी में नगर परिषद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने बिहार की एक सर्वे टीम को मैदान में उतारा है, जो जमीनी फीडबैक जुटा रही है। बताया जा रहा है कि सर्वे का काम अंतिम चरण में है और इसी रिपोर्ट के आधार पर भाजपा चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार तय कर सकती है। ऐसे में ड्रॉ और सर्वे रिपोर्ट दोनों ही रेवाड़ी नगर परिषद की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

















