मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

रक्षा बंधन पर्व आज ओर कल: जानिए राखी बांधने का सही समय ?

On: August 30, 2023 8:32 AM
Follow Us:

Raksha Bandhan 2023: आज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त दो दिन मनाया जा रहा है। दो दिन होने की बजाय इस बाद भद्रा का साया है।NH 48 पर धारूहेड़ा में रास्ता पूछने के लिए Car चालक को रुकवाया, बंधक बनाकर कार व नकदी छीनी

जानिए सही समय: रक्षाबंधन 30 अगस्त को मनाना शुभ होगा या फिर 31 अगस्त को। पंचांग और ज्योतिषाचार्यों के बीच को लेकर भी कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में रक्षाबंधन कब मनाया जाना चाहिए, राखी बांधने का मुहूर्त क्या है, आइए जानते हैं सब के जबाब

यह भी पढ़ें  Accident in Rewari: NH 48 पर हुआ हादसा: क्रेन की चपेट मे आने से दिल्ली के कावडिए की मौत

RAKHI 2

30 को राखी बांधने का समय: 30 अगस्त को दिन के समय भद्रा रहने के कारण रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकता है। रात्रि 09 के बाद भद्रा खत्म हो जाएगी। ऐसे में रात्रि के 9 बजे के बाद राखी बांधी जा सकती है। इससे पहले राशि बांधना शुभ नहीं रहेगा।Haryana: चरखी दादरी में बनेगा चिकित्सा महाविद्यालय, गुरावडा का CHC होगा अपग्रेड: ​अनिल बिज

31 अगस्त राखी बाधंने का समय: इस दिन 07 बचकर 07 मिनट तक श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी। ऐसे में 31 अगस्त की सुबह 07 बजकर 07 मिनट से पहले राखी बांधी जा सकती है।

यह भी पढ़ें  CBSE ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए जारी किए एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड

रक्षाबंधन 2023
तिथि और शुभ मुहूर्त

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (30 अगस्त)- रात्रि 09 बजकर 03 मिनट के बाद
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (31 अगस्त)- सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक

जानिए क्या है भद्रा काल
ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास तय किया जाता है। गणना के अनुसार चंद्रमा जब कर्क राशि, सिंह राशि, कुंभ राशि या मीन राशि में होता है, तब भद्रा का वास पृथ्वी में निवास करके मनुष्यों को क्षति पहुंचाती है।RAKHI

यह भी पढ़ें  Rewari news: स्लोगन प्रतियोगिता में पूनम बनी विजेता-Best24News

वहीं मेष राशि, वृष राशि, मिथुन राशि और वृश्चिक राशि में जब चंद्रमा रहता है तब भद्रा स्वर्गलोक में रहती है एवं देवताओं के कार्यों में विघ्न डालती है। जब चंद्रमा कन्या राशि, तुला राशि, धनु राशि या मकर राशि में होता है तो भद्रा का वास पाताल लोक में माना गया है। भद्रा जिस लोक में रहती है वहीं प्रभावी रहती है।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now