Breaking News: हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों को मिलने वाली सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विशेष विजिलेंस कमेटियां बनाई जाएंगी, जो बिना पूर्व सूचना के स्कूलों का निरीक्षण करेंगी और छात्रों से सीधे बातचीत कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी।
स्कूलों में सुविधाओं पर रहेगा खास फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेश का कोई भी सरकारी स्कूल ऐसा नहीं होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़े। सभी स्कूलों में पर्याप्त डेस्क उपलब्ध कराने, बाउंड्री वॉल, स्वच्छ परिसर और स्कूलों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों और प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
खरीद प्रक्रिया होगी तेज, स्टाफ की कमी भी होगी दूर
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों से जुड़े सभी टेंडर और खरीद संबंधी कार्य 7 से 14 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी विद्यालय में चौकीदार या सफाई कर्मचारी की कमी न रहे। आवश्यकता पड़ने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्किल और स्टार्टअप पर जोर
सरकार अब विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके लिए उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। स्कूलों में शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स शुरू करने के साथ-साथ सफल स्टार्टअप्स की प्रेरणादायक कहानियां भी छात्रों तक पहुंचाई जाएंगी, ताकि वे रोजगार के साथ उद्यमिता की ओर भी प्रेरित हो सकें।
सुपर 100 प्लस और विशेष शिक्षकों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने बैठक में ‘सुपर 100 प्लस’ कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब 1500 विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
CM सैनी के 5 बड़े फैसले
– स्कूलों की निगरानी के लिए विजिलेंस कमेटियों का गठन।
– सभी स्कूलों में डेस्क, बाउंड्री वॉल और स्वच्छता पर विशेष जोर।
– टेंडर और खरीद प्रक्रिया 7 से 14 दिन में पूरी करने के निर्देश।
– स्किल कोर्स और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नया पाठ्यक्रम तैयार होगा।
– सुपर 100 प्लस योजना और 1500 विशेष शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी।













