Haryana News:धारूहेड़ा। दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित मेंटेनेंस डिपो को धारूहेड़ा में नही बनेगा। अब ये डिपो गुरुग्राम के पचगांव में बनेगा।
डिपो के अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच क्षेत्र के ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि परियोजना की शुरुआत से ही धारूहेड़ा को मेंटेनेंस डिपो के लिए उपयुक्त स्थान माना गया था और इसके लिए भूमि भी चिन्हित हो चुकी है।
कारण नही किये उजागर: ग्रामीणों का कहना है कि यदि डिपो को कहीं और स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव है तो उसके कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार और एनसीआरटीसी से मांग की है कि इस संबंध में पारदर्शिता बरती जाए और स्थानीय जनता को विश्वास में लिया जाए। लोगों का मानना है कि डिपो के धारूहेड़ा में बनने से क्षेत्र को विकास और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
धारूहेड़ा को हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक नगरों में गिना जाता है। यह दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के साथ-साथ राजस्थान की सीमा से भी जुड़ा हुआ है। यहां पहले से विकसित औद्योगिक आधार, रेलवे नेटवर्क और पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जो मेंटेनेंस डिपो जैसी बड़ी परियोजना के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि डिपो स्थापित होने से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार और उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
मिलता रोज़गार: ग्रामीणों ने यह भी कहा कि डिपो के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं पर पहले ही काफी कार्य किया जा चुका है। ऐसे में स्थान परिवर्तन से न केवल परियोजना की लागत बढ़ सकती है, बल्कि क्षेत्र के लोगों की विकास संबंधी उम्मीदों को भी झटका लग सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नमो भारत परियोजना का मेंटेनेंस डिपो धारूहेड़ा में ही स्थापित किया जाए ताकि क्षेत्र को इसका पूरा लाभ मिल सके। डिपो बनने से रोज़गार को भी बढ़ावा मिलता।
हालांकि डिपो के स्थानांतरण को लेकर कोई विशेष रीज़न नही बताया गया है। लेकिन माना जा रहा है की जमीन के विवाद को लेकर यह दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाने की योजना है। डिपो को हटाने की सूचना को लेक अफरा तफरी मच गई है ।












