Haryana news: दिल्ली-जयपुर हाईवे किनारे बने अवैध कटों के कारण हादसे हो रहे हैं। हर माह बैठक के दावा किया जाता है कट बंद कर दिए जाएंगें, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा हैंं। Delhi Jaipur Highway पर करीब दो दर्जन जगहों पर अवैध कट बनाए गए हैं। कई जगह तो नालों को तोड़कर नियमों के खिलाफ कट बनाए गए हैं। पिछले एक माह में 20 से ज्यादा हादसे होने के बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है।
बताया गया कि इन अवैध कटों को पार करते समय अनेक लोगों की मौतें तक हो चुकी हैं। आए दिन होने वाले हादसों से सबक लेना तो दूर प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय तक नहीं कर पा रहा हैं। अकेले दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जिले की सीमा में कापड़ीवास बार्डर से जयसिंहपुर खेड़ा तक 4 किलोमीटर की दूरी में 30 से ज्यादा अवैध कट बने हुए हैं। Haryana news
इन सभी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 और 71 पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। हादसों में तकनीकी के साथ स्थानीय लोगों द्वारा सुविधा अनुसार शार्टकट के लिए बनाए कट प्रमुख कारण हैं। बैठक में हर बार दावा किया जाता है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा हैं।
बिना अनुमति चल रहे ढाबों पर कार्रवाई को कहा
डीसी ने सड़क सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के दौरान पुलिस और एनएचएआई के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। बैठक में साफ कहा है हाइवे के दोनों ओर बनाए गए ढाबों की जांच की जाए और यदि कोई ढाबा बिना अनुमति के चल रहा हो तो उस पर तुरंत कारवाई की जाए।
ब्लैक स्पोट बंद हो: डीसी ने सड़क सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के दौरान कहा कि यह सुनिश्चित करें कि किसी भी सड़क पर ब्लैक स्पॉट न हो। इनको कम करने की दिशा में सभी विभाग मिलकर काम करें। अवैध कटों को पार करते समय अनेक लोगों की मौतें हो रहे हैं इन कटो को बंद करना बहुत जरूरी हैंHaryana news
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही जिला में भी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। जिले की सीमा से गुजर रहे दिल्ली-जयपुर राजमार्ग संख्या-48 पर सबसे अधिक एक्सीडेंट प्वाइंट बने हुए हैं।Haryana news
प्रशासन की तरफ से इस राजमार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर 9 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हुए हैं और इनको समाप्त करने के प्रयास भी हुए पर राजमार्ग का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी की लापरवाही इन पर भारी पड़ रही है। हालात यह है कि जिला की सीमा में राजमार्ग के 50 किमी एरिया में दर्जनों अवैध कट, टूट डिवाइडर, नाले और जानलेवा गड्ढे हैं।Haryana news

















