Dharuhera News: मसानी बैराज में छोडे जा रहे दूषित पानी को लेकर ग्रामीणो का विरोध बढता ही जा रहा है। इसी को लेकर मसानी बैराज को वेटलेंड बनाने की मांग तेज हो गई है। इस मांग को बुलंद करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। गांवों में लोग इस समस्या को लेकर खूब भडास निकाल रहे है।अभियान का नेतृत्व सेवानिवृत्त रेंज अधिकारी क कमल सिंह यादव ने किया।
रेवाड़ी क्षेत्र में मसानी बैराज के प्रदूषण और जल समस्या को लेकर चल रहा हस्ताक्षर अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह अभियान 5 अप्रैल 2026 को गांव जीतपुरा से शुरू हुआ था। इसी क्रम में 12 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर कमल सिंह यादव के नेतृत्व में गांव खरखड़ा और डूंगरवास में अभियान चलाया गया।Dharuhera News

खरखड़ा गांव में सुबह 10 बजे हनुमान मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां सरपंच प्रतिनिधि विकास यादव व ग्रामीणों ने टीम का स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बैराज के प्रदूषित पानी के कारण ट्यूबवेल का पानी पीने योग्य नहीं रहा, उसमें बदबू और गंदगी है, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। गांव के सूबेदार विशंभर दयाल की अध्यक्षता में करीब 120 लोगों ने हस्ताक्षर कर इस मुद्दे के समाधान की मांग की।Dharuhera News

दोपहर 12 बजे अभियान डूंगरवास पहुंचा, जहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने टीम का स्वागत किया। सरपंच प्रवीण ने कहा कि मसानी बैराज के प्रदूषण के कारण गांवों में जलस्तर प्रभावित हुआ है और शौचालयों की कुइयां भी खराब हो रही हैं। आसपास के गांवों, खासकर निखरी में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बीमारियां और बढ़ सकती हैं।Dharuhera News
उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में 10 से 15 लोगों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शिकायत सामने आ रही है। इस दौरान करीब 250 लोगों ने हस्ताक्षर कर सरकार से बैराज के प्रदूषण नियंत्रण और इसे वेटलैंड घोषित करने की मांग उठाई। अभियान में नवल सिंह, संजय यादव, धर्मपाल, विजय सिंह, रामफल, हनीश शर्मा, कृष्ण मिस्त्री, हरपाल, वैभव यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान 14 अप्रैल को भटसाना और 19 अप्रैल को मसानी व निखरी गांव में आगे जारी रहेगा।Dharuhera News




















