Cyber Alert: डिजीटल के चलते आजकल साइबर गिरोह ठगी के नए नए हथकंडे अपना रहे इै। रेवाड़ी पुलिस द्वारा विद्यार्थियों और युवाओं को इंटर्नशिप के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने जिला वासियों से अपील की है कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ई-मेल के माध्यम से मिलने वाले इंटर्नशिप ऑफर्स को स्वीकार करते समय विशेष सतर्कता बरतें।Cyber Alert
फर्जी लिंक से रहे सावधान: रेवाड़ी के SP Rewari ने बताया कि हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग युवाओं को आकर्षक स्टाइपेंड, वर्क फ्रॉम होम और आसान काम का लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठे जाते हैं। कई बार फर्जी लिंक के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी भी हासिल कर ली जाती है।Cyber Alert
जानकारी साझा न करें : उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी इंटर्नशिप ऑफर को स्वीकार करने से पहले संबंधित कंपनी या संस्था की विश्वसनीयता अवश्य जांचें। केवल आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। किसी भी अनजान लिंक, ई-मेल या कॉल के माध्यम से मांगी गई जानकारी साझा न करें और किसी प्रकार का भुगतान करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें।
एसपी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की ठगी का शिकार होता है या उसे कोई संदिग्ध कॉल/मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से ठगी की राशि को रोका जा सकता है।
रेवाड़ी पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि युवा वर्ग विशेष रूप से जागरूक रहें और किसी भी लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी जोखिम में न डालें।अंत में पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन से अपील की कि वे इस एडवाइजरी को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि साइबर ठगी के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” – आपकी जागरूकता ही साइबर ठगी से सबसे बड़ा बचाव है।
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