हरियाणा : हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर वर्दी पहनकर घूम रहा था। आरोपी का उद्देश्य पुलिस की वर्दी और फर्जी पहचान के सहारे मुफ्त में होटलों में ठहरना, टोल टैक्स से बचना और आम लोगों पर रौब जमाना था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस को उसके संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली और जांच के बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई।
जानिए कौन था वो: पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान झज्जर जिले के कसानी गांव निवासी 34 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि मुकेश वास्तव में कोई पुलिसकर्मी नहीं है, बल्कि राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में किराए पर ई-रिक्शा चलाता है। उसी कमाई से उसने खुद को पुलिस अधिकारी दिखाने के लिए नकली दस्तावेज और वर्दी तैयार करवाई थी। आरोपी लंबे समय से अलग-अलग जगहों पर खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
2200 रुपये में पुलिस की वर्दी सिलवाई: पुलिस ने आरोपी के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एक फर्जी स्पेशल पुलिस ऑफिसर का पहचान पत्र और सब-इंस्पेक्टर की पूरी वर्दी बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने दिल्ली से 2200 रुपये में पुलिस की वर्दी सिलवाई थी, जबकि 500 रुपये खर्च कर फर्जी पुलिस आईकार्ड बनवाया था। इन सबका इस्तेमाल वह होटल, ढाबों और अन्य स्थानों पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सुविधाएं हासिल करने के लिए करता था।
फर्जी पहचान पत्र: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ फर्जी पहचान पत्र रखने, पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग करने और खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर भ्रम फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उसे अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कई बार पुलिस की वर्दी पहनकर टोल प्लाजा से बिना भुगतान किए निकल गया और कई होटलों में खुद को अधिकारी बताकर मुफ्त में रुकने की कोशिश की। वह लोगों पर धौंस जमाने और खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए भी वर्दी का इस्तेमाल करता था।

















