Breaking news: नमो भारत रैपिड रेल परियोजना में बदलाव, यहां पढ़ें अपडेट

On: February 4, 2026 10:17 AM
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Bresking news:केंद्र सरकार ने नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम परियोजना में आंशिक बदलाव करते हुए टेंडर प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के बाद दिल्ली से अलवर रूट पर प्रस्तावित रैपिड रेल अब पहले चरण में ही हरियाणा के बावल तक पहुंचेगी। इससे राजस्थान सीमा से सटे औद्योगिक क्षेत्रों नीमराना, शाहजहांपुर और भिवाड़ी को सीधा फायदा मिलेगा, जबकि भिवाड़ी को धारूहेड़ा स्टेशन से जोड़ने की योजना तय की गई है। परियोजना के संशोधित स्वरूप से एनसीआर और राजस्थान के बीच आवागमन और औद्योगिक संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में रैपिड रेल दिल्ली से गुरुग्राम, रेवाड़ी होते हुए बावल तक संचालित की जाएगी। धारूहेड़ा स्टेशन को एक प्रमुख इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से भिवाड़ी के लिए अलग कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

 

 

अभी भिवाड़ी से दिल्ली और गुरुग्राम की यात्रा में काफी समय लगता है, लेकिन रैपिड रेल के शुरू होने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
नीमराना और शाहजहांपुर क्षेत्र में स्थित बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों के लिए यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रैपिड रेल से इन इलाकों में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। धारूहेड़ा स्टेशन से भिवाड़ी के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने से सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा। अनुमान है कि इस सेक्शन में यात्रा का समय 45 से 50 मिनट तक घट सकता है।

 

दूसरे और तीसरे चरण में परियोजना को राजस्थान के भीतर अलवर तक ले जाने की योजना है। हालांकि इसके लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही आगे का काम शुरू होगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय के साथ इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नमो भारत रैपिड रेल परियोजना दिल्ली एनसीआर और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क को नया आयाम देगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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