शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026

Breaking News: साहबी बचाने के लिए जनचेतना यात्रा 28 को, बैठक आयोजित सौंपी जिम्मेदारी

Written by: Harsh Rajput

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Breaking News: धारूहेड़ा: मसानी बैराज के गंदे पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चलाए जा रहे जन आंदोलन के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब…


Breaking News: साहबी बचाने के लिए जनचेतना यात्रा 28 को, बैठक आयोजित सौंपी जिम्मेदारी
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Breaking News: धारूहेड़ा: मसानी बैराज के गंदे पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चलाए जा रहे जन आंदोलन के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब तीसरे चरण के तहत 28 जून को सुबह 6 बजे ग्राम भटसाना से जन चेतना यात्रा एवं पदयात्रा शुरू होकर सुबह 10 बजे बुढ़ाना चौक पर संपन्न होगी। यात्रा की तैयारियों एवं ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया तथा बैठक आयोजित कर जिम्मेदारी सोंपी गई।Breaking News

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Breaking News: साहबी बचाने के लिए जनचेतना यात्रा 28 को, बैठक आयोजित सौंपी जिम्मेदारी
Breaking News: साहबी बचाने के लिए जनचेतना यात्रा 28 को, बैठक आयोजित सौंपी जिम्मेदारी

कार्यक्र के संयोजक सेवानिवृज वन रेंज अधिकारी कमल यादव ने बताया कि शनिवार को ग्राम ततारपुर, ईतमुरार, तुर्कियावास तथा बुढ़ाना में ग्रामीणों से संपर्क कर यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई। कमल सिंह यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मसानी बैराज का गंदा पानी अब इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर क्षेत्र तक पहुंच चुका है। इसके कारण आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों की संख्या बढ़ रही है।Breaking News

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लगातार बढ रहे गंदे पानी से केवल जलस्तर खराब हो चुकी है वहीं गंदे पानी के जलभराव से महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका गंभीर असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।Breaking News

 

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मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित कराने के लिए छिड़ेगी जंग, इस दिन 26 गांवों में शुरू होगा अभियान
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कमल सिंह यादव ने बताया कि गंदे पानी के कारण अनेक किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं तथा कई स्थानों पर पानी भर जाने से किसान फसलों की बिजाई नहीं कर पाए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन किसानों की भूमि में गंदा पानी खड़ा है, उन्हें फसल के बराबर उचित मुआवजा दिया जाए।Breaking News

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साथ ही सरकार जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करे ताकि क्षेत्र में बढ़ते स्वास्थ्य संकट और किसानों की परेशानी को दूर किया जा सके। इस अवसर पर पूर्व सरपंच नवल सिंह डूंगरवास, रामफल, हनीश शर्मा जीतपुर, महिपाल थानेदार फदनी, वैभव यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।Breaking News

झूठे सपने दिखाकर किया धोखा: ग्रामीणों ने कहा कि मनोहर लाल खटटर लोगो को कृ​कृत्रित झील बनाने के सपने दिखाकर जनता के साथ धोखा किया है। दरसल रेवाड़ी व बावल के गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए यह सब खेल खेला गया है।

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क्योंकि धारूहेड़ा में इस समस्या को नेतृत्व करने वाले कोई नहीं है। सरकार साफ पानी बताकर एनजीटी में रिपोर्ट देकर अपना पीछा छुडवा रही है जबकि काला यानि बिना ट्रीट किया हुआ पानी छोडा जा रहा है।Masani Barrage

 

2018 में मनोहर लाल ने की थी घोषणा

बता दें हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर 2018 में मसानी बैराज पर आए थे। उस समय उन्होंने मसानी बैराज का निरीक्षण करने के बाद इसे पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। उस समय बजट भी जारी करने की घोषण की थी। उनका मकसद इस विरान क्षेत्र पर कृत्रिम झील बना कर लोगो के लिए पयर्टक केंद्र बनाना था। दिल्ली-जयपुर हाईवे से आना-जाना करने वाले वाहन चालकों को आकर्षित किया जा सके।

MASANI SAHABI
6332.54 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित
अब सिंचाई विभाग ने “एचएसआईआईडीसी आईएमटी बावल से साहबी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बरसाती जल निकासी” के नाम पर लगभग ₹6332.54 लाख की विशाल परियोजना प्रस्तावित की गई है। जिसे 400 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत आईएमटी बावल का पानी सीधे साहबी बैराज मसानी में डालने की तैयारी है।

 

पानी बता दे कि मसानी बैराज के आसपास साहबी नदी करीब 500 एकड़ जमीन में फैली हुई है। जिसमें अधिकतर रेवाड़ी व आसपास का दूषित पानी जमा है। बताया जा रहा है कि गांव जड़थल, असदपुर, सुनारिया, ततारपुर, इस्तमुरार इत्यादि से 1957, 1964 और 1971 तक साहबी, कृष्णावती और दोहन नदी का पानी निजी मालिकों की जमीन से बहता था।

 

जिससे यह कहा जा सकता है कि इन नदियों का अतिरिक्त पानी यहां छोड़ा जाता था। लेकिन इस साहबी को गंदे पानी की झील बना दिया है। सबसे अहम बात यह है 5 मई से हस्ताक्षर अभियान शुरू करके अब तीसरे चरण में जन चेतना यात्रा निकाली जा रही है लेकिन प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।

Harsh Rajput
About the Author Harsh Rajput

मै हर्ष चौहान Best24News में बतौर राइटर कार्यरत हूं। रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by Harsh Rajput →

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