हरियाणा के हांसी में आज मनाया जाएगा अमर शहीद राव तुलाराम का बलिदान दिवस, राजनेताओं की टिकी निगांहे

On: September 23, 2026 8:16 AM
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हरियाणा के हांसी में आज मनाया जाएगा अमर शहीद राव तुलाराम का बलिदान दिवस
हरियाणा के हांसी में आज मनाया जाएगा अमर शहीद राव तुलाराम का बलिदान दिवस

Best24News: हरियाणा के हांसी में होने वाला अमर शहीद राव तुलाराम  का शहीदी दिवस पहली बार दक्षिण हरियाणा की सीमा से बाहर मनाया जा रहा है। हिसार से अलग होकर बने हांसी जिले में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम पर राजनेताओ की निगाहे टिकी हुई है। इस मौके पर शक्ति प्रदशर्न, सम्मान समारोह के साथ राव तुलाराम चौक का लोकार्पण और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

राव इंद्रजीत के लिए भी 23 सितंबर अहम: बता दें कि 23 सितंबर का दिन राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक सफर से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2013 में इसी दिन उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर इंसाफ मंच के गठन की घोषणा की थी। ऐसे में इस बार हांसी में होने वाला राव तुलाराम शहीदी दिवस समारोह और प्रदेश स्तर पर आयोजन की मांग, दोनों के कारण 23 सितंबर पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने किया दावा: 23 सितंबर 2027 के आयोजन पर नजर रहेगी। यदि हरियाणा सरकार की ओर से आरती राव की मांग को मंजूरी मिलती है तो अगले साल पहली बार राव तुलाराम शहीदी दिवस का प्रदेश स्तरीय समारोह आयोजित हो सकता है। हालांकि अभी सरकार की ओर से 2027 के आयोजन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

23 सितंबर 2026 को दिल्ली रोड, हांसी पर स्थित नवनिर्मित शहीद राव तुलाराम चौक पर उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण
23 सितंबर 2026 को दिल्ली रोड, हांसी पर स्थित नवनिर्मित शहीद राव तुलाराम चौक पर उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण

इस बार का आयोजन केवल एक स्थान पर शहीदी दिवस मनाने तक सीमित नहीं है। आरती राव के 17 सितंबर के बयान के बाद इसे अगले चरण यानी प्रदेश स्तर पर आयोजन की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि 2027 से प्रदेश स्तर पर समारोह की शुरुआत होती है तो 23 सितंबर का आयोजन दक्षिण हरियाणा की क्षेत्रीय सीमा से निकलकर पूरे हरियाणा के वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में और व्यापक स्वरूप ले सकता है। फिलहाल यह मांग और संभावित बदलाव चर्चा के स्तर पर हैं।

 

1857 की क्रांति के दौरान राव तुला राम ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाला। उनके साथ राव गोपाल देव और स्थानीय योद्धाओं ने भी संघर्ष किया। रेवाड़ी क्षेत्र में अंग्रेजी प्रशासन को चुनौती देते हुए उन्होंने स्वतंत्र शासन व्यवस्था कायम करने का प्रयास किया। दिल्ली में बहादुर शाह जफर के नेतृत्व में चल रहे विद्रोह को उन्होंने आर्थिक और सैन्य सहयोग भी दिया।

 

वीर राव तुलाराम 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और अमर शहीद
वीर राव तुलाराम 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक और अमर शहीद

आज के दिन क्यों मनाया जाता शहीदी दिवस: 23 सितंबर को हरियाणा में वीर एवं शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन अहीरवाल के वीर सपूत और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में शामिल राव राजा तुला राम की शौर्यगाथा को याद करने का अवसर है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपनी रियासत, राजसत्ता और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं तक का त्याग कर दिया। उनका जीवन आज भी स्वाभिमान, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मिसाल माना जाता है।

शिक्षाविद एवं साहित्यकार मनोज वशिष्ठ ने बताया कि राव तुला राम का जन्म 9 दिसंबर 1825 को रेवाड़ी के रामपुरा में हुआ था। अपने पिता राव पूरन सिंह के निधन के बाद उन्हें कम उम्र में ही रियासत की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। उन्होंने प्रशासन को व्यवस्थित करने के साथ-साथ किसानों और आम लोगों के हितों पर भी ध्यान दिया। राव तुला राम दूरदर्शी शासक थे। वे समझ चुके थे कि अंग्रेजी सत्ता का मुकाबला केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं किया जा सकता। इसी सोच के चलते रेवाड़ी में सैन्य तैयारी और हथियारों की व्यवस्था को मजबूत किया गया।

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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