रेवाड़ी शहर के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी न्यूज सामने आई है। बाईपास पर रेवाड़ी-दिल्ली और रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन पर पड़ने वाले तीन अलग-अलग रेलवे फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जांएंगे। तीनो ओवरब्रिज केा हरियाणा सरकार से मंजूरी मिल गई। बता दे इसको लेकर कई सालों से प्रयास किया जा रह था। बता दे कि करीब 207 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन का इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर बनेगा।
जाम से मिलेगा राहत: सबसे अहम बात यह है इनके बनने से रेवाड़ी के लेागो को जाम से राहत मिलेगी। शहर के लोगों को जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिल जाएगा। अब सरकार ने 207.29 करोड़ रुपये की लागत से इन तीनों व्यस्त रेलवे लेवल क्रासिंग के स्थान पर एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज (इंटीग्रेटेड आरओबी) के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
इतना ही नहीं बाईपास का निर्माण होने के बाद से यहां यहां काफी कालोनी व सोसायटी भी विकसित हो चुकी है। रेलवे ओवरब्रिज नहीं होने से बड़ी आबादी को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाया था।
चार लेन आरओबी और आरयूबी का होगा निर्माण
हरियाणा की स्वास्थ्य आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी की जनता लंबे समय से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से परेशान थी। इस समस्या को लेकर कई बार रेवाडी के लोगो ने सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी। रेवाड़ी के लोगो ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत आधुनिक दो लेन एवं चार लेन रेलवे ओवरब्रिज, रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), सर्विस रोड और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। सड़क और रेलवे यातायात पूरी तरह अलग होने से दुर्घटनाओं की संभावना में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा यातायात पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
तीनों रेलवे फाटक पर बनेगा एकीकृत आरओबी
रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ पाई थी। चूंकि यह रेल मार्ग ही नहीं, बल्कि सड़क भी अति व्यस्ततम है, जिसकी वजह यहां हर समय कोई न कोई रेलवे फाटक बंद होने से जाम लगा रहता है। एक तरफ बाईपास पर रेवाड़ी-दिल्ली और रेवाड़ी-रोहतक रेलमार्ग और दूसरी तरफ पटौदी रोड पर रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन के क्रासिंग फाटक बिल्कुल साथ-साथ बने हुए हैं। वर्ष 2015 से ही इन तीनों ही फाटक पर एक एकीकृत रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग चली आ रही थी।














