धारूहेड़ा: मसानी बैराज व साहबी नदी के पर्यावरण संरक्षण और इसमें गिर रहे गंदे पानी के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सोमवार को कमल सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित “ट्रैक्टर व कार संदेश यात्रा” में 35 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों और किसानों ने हुंकार भरी। लगभग 250 ट्रैक्टरों और 70 कारों के विशाल काफिले के साथ रैली रेवाड़ी पहुंची
तितरपुर से शुरू होकर गांवों से गुजरता विशाल बना काफिला
बता दे कि सुबह 9:00 बजे गांव जीतपुरा में 35 गांवों के बुजुर्गों व गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से इस यात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद गांव तितरपुर से मसानी, डूंगरवास, रसगन, निखरी, भड़कासना, निगांनियावास, रालियावास, पचगांव, जरथल, आसियाकी पांचौर, लाधुवास, संगवारी, भूडला, माजरा, गुरदास और विजयनगर होते जिला सचिवालय पहुंचे।

गांवों में हुआ काफिले का स्वागत, एकजूट हुए ग्रामीण
प्रत्येक गांव में ग्रामीणों ने फूलों, पानी की व्यवस्था और अपने ट्रैक्टरों व कारों के साथ इस काफिले का भव्य स्वागत किया। जडथल में देवी माता मंदिर के पास से गुजरते हुए ग्रामीणों ने कहा कि साहबी नदी और मसानी बैराज को बचाने के लिए ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन पहले कभी नहीं देखा गया।
जानिए क्या है इनकी मांगे
- गंदे पानी का उपचार और नहरों से साफ पानी की आपूर्ति
- ज़डथल से मसानी तक लगभग 6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन दबाकर मसानी बैराज में गिर रहे गंदे पानी का स्थायी सफाई व उपचार समाधान किया जाए।
- वॉटर रीचार्जिंग के लिए जवाहरलाल नेहरू (JLN) कैनाल से लाल बहादुर शास्त्री कैनाल के मार्फत जरथल गांव में साफ पानी छोड़ा जाए, ताकि पूरे क्षेत्र का जलस्तर सुधर सके।
बैरिकेडिंग तोड़ पैदल उपायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारी
जैसे ही यह विशाल काफिला पोसवाल चौक पहुंचा, पुलिस प्रशासन ने बैरिकेड्स लगाकर वाहनों को रोक दिया। इसके बाद सभी किसान व ग्रामीण हाथों में बैनर-झंडे लेकर शांतिपूर्ण ढंग से पैदल ही उपायुक्त कार्यालय (DC Office Rewari) की ओर बढ़ गए।
नगरधीश को ज्ञापन देने से किया इंकार
उपायुक्त कार्यालय पहुंचने पर जब प्रशासन ने ज्ञापन लेने के लिए नगरधीश को भेजा, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से साफ मना कर दिया और परिसर में ही धरने पर बैठ गए। लगभग आधे घंटे तक चले इस गतिरोध और प्रदर्शन के बाद उपायुक्त रेवाड़ी ने स्वयं मौके पर आकर ग्रामीणों से ज्ञापन स्वीकार किया। उपायुक्त ने सभी उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि यह मांग पत्र तुरंत हरियाणा सरकार एवं मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा और मांगों पर त्वरित ध्यान देकर उचित कार्रवाई कराई जाएगी।














