Dharuhera News: दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी नमो भारत (आरआरटीएस) परियोजना के तहत प्रस्तावित मेंटेनेंस डिपो को धारूहेड़ा से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं की वजह से स्थानीय लोग गुस्से में दिख रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार यहां से नमो भारत डिपो नहीं हटाए बल्कि धारूहेड़ा में ही नमो भारत डिपो बनाया जाए। इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी ज्ञापन भेजा गया है।
पहले से चिह्नित की जा चुकी है भूमि
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा पहले ही धारूहेड़ा में डिपो के लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी थी। परियोजना से संबंधित सूचना बोर्ड भी लगाए गए थे, जिससे क्षेत्र के निवासियों और निवेशकों के बीच यह विश्वास बना कि धारूहेड़ा नमो भारत कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण परिचालन केंद्र बनेगा। अब डिपो के संभावित स्थानांतरण की चर्चाओं ने लोगों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है धारूहेड़ा
धारूहेड़ा हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है और दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रणनीतिक रूप से स्थित है। यहां पहले से विकसित औद्योगिक ढांचा, परिवहन सुविधाएं, रेलवे संपर्क और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संसाधनों के कारण यह क्षेत्र किसी भी बड़े मेंटेनेंस डिपो के संचालन के लिए उपयुक्त साबित हो सकता है।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि डिपो का निर्माण धारूहेड़ा में किया जाता है तो इससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में नए निवेश आने की संभावना बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
स्थानांतरण के कारण सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में सरकार और एनसीआरटीसी से यह मांग भी की गई है कि यदि डिपो को किसी अन्य स्थान पर ले जाने का प्रस्ताव है तो उसके पीछे के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। लोगों का कहना है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, उद्योग संगठनों और आम नागरिकों से भी परामर्श किया जाना चाहिए।
संतुलित क्षेत्रीय विकास पर जोर
क्षेत्रवासियों का कहना है कि दक्षिण हरियाणा को इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना से मिलने वाले विकास और रोजगार के अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि संतुलित क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार को डिपो को धारूहेड़ा में ही बनाए रखने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा बल्कि नमो भारत परियोजना को भी स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिलेगा।












