धारूहेड़ा: हाईवे स्थित नेचुरल एग्रो फार्म में संघ शिक्षा वर्ग विशेष, गुरुग्राम से आए 54 कार्यकर्ताओं को प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ग्राम विकास गतिविधि के 48 कार्यकर्ताओं सहित अन्य 6 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों, जीवामृत, घनजीवामृत तथा गौ-आधारित कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

किसान रत्न पुरस्कार से सम्मानित यशपाल खोला ने प्राकृतिक खेती के महत्व, वैज्ञानिक आधार और किसानों को मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जीवामृत और घनजीवामृत तैयार करने की विधि का प्रत्यक्ष प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती भूमि की उर्वरता बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। साथ ही रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों और प्राकृतिक खेती के दीर्घकालिक लाभों पर भी चर्चा की गई।

प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन प्राकृतिक खेती एवं गौ संवर्धन के माध्यम से आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्रांत संयोजक अनूप कुमार, जिला संयोजक राकेश , सहखंड कार्यवाह अनिल , संपर्क प्रमुख देवेंद्र सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













