Advisory On Heatwave: देश में बढ़ती हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व् जिला प्रशासन लोगों के लिए गर्मी से बचाव और हीट स्ट्रोक से निपटने की एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से अपील कि है कि ऐसे वक्त में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
हरियाणा के जिला रेवाड़ी सहित हरियाणा में गर्मी का सितम बढता जा रहा है। उपायुक्त रेवाड़ी ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर गर्मी के मौसम में गर्म हवा और बढ़ते तापमान-लू से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनहित में एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी पालन करें। उन्होंने बताया कि गर्म लहर की स्थिति में लू के प्रभाव को कम करने तथा लू के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।Advisory On Heatwave
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि दिनों दिन बढ़ती गर्मी के मौसम में गर्म हवाओं और बढ़े हुए तापमान से लू (हीट वेव) लगने का खतरा बढ़ जाता है, लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, हम लू से बचे रहें और सावधानी रखते हुए स्वयं जागरूक होकर सरकार की एडवाइजरी की अनुपालना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर गर्मी के मौसम में गर्म हवा और बढ़ते तापमान-लू से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनहित में एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी पालन करें। उन्होंने बताया कि गर्म लहर की स्थिति में लू के प्रभाव को कम करने तथा लू के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।
लू और डिहाइड्रेशन से बचाव जरूरी: बत दे कि ज्यादातर राज्यों में इस वक्त औसतन तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है। ऐसे में गर्मी के कारण लू लगना (Heat Stroke), हीट एग्जॉशन (थकावट), डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), हीट क्रैम्प्स (मांसपेशियों में ऐंठन), हीट रैश (घमौरियां), और फूड पॉइजनिंग होना स्वभाविक है। इसके अलावा, फूड पॉइजनिंग, टायफाइड, चिकनपॉक्स और पेट से संबंधित बीमारियों का भी खतरा हो सकता है।
हीटवेव यानी लू की चपेट में आने के कारण शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक, उल्टी, चक्कर आना, बुखार, सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कई बार हीट वेव जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे में कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। हीट वेव से सुरक्षित रहने के लिए कुछ टिप्स को फॉलो कर अपना व परिवार का बचाव रख सकते है।
हीट वेव से बचने के लिए क्या करें- हीट वेव से बचने के लिए अपने शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें। इसके लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। इसके अलावा, आप नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस और छाछ जैसे प्राकृतिक पेय का सेवन कर सकते हैं। अपने घर को ठंडा रखें, इसके लिए पर्दे, शटर या सनशेड का उपयोग करें और रात में खिड़कियां खुली रखें। घर से बाहर धूप में निकलते समेत चश्मा, टोपी, जूते या चप्पल पहनें और छाते का प्रयोग करें।
शरीर को अच्छी तरह कवर करके ही घर से बाहर निकलें। हीटवेव से बचने के लिए सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें। सूती कपड़े आपके शरीर को ठंडा रखने में मददगार साबित होते हैं। ताजे फलों और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। पशुओं को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए पर्याप्त पानी दें। अगर आप ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
हीट वेव से बचने के लिए क्या न करें-
एडवाइजरी के अनुसार दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में न निकलें। शराब, कोल्ड-ड्रिंक्स जैसी कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन न करें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन ना करें। पालतू जानवरों या बच्चों को कभी भी बंद कारों जैसे पार्क किए गए वाहनों में न छोड़ें, नंगे पांव बाहर न जाएं।
बहुत गर्मी में तुरंत ठंडे पानी से नहाने से बचें, इससे तबीयत खराब हो सकती है। अगर आप देर तक बाहर रहते हैं, तो इससे आप लू की चपेट में आ सकते हैं, इसलिए इस स्थिति से बचना चाहिए।
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