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Breaking News: अपने वजूद का संघर्ष करती रेवाड़ी बार एसोसिएशन: पक्षकारों का न्याय अधर में लटका !

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REWARI COURT
REWARI COURT

Breaking News: रेवाड़ी: बार और बेंच का रिश्ता बहुत सौहार्दपूर्ण होता है । बार के सदस्य ही एक प्रक्रिया से गुजर कर बेंच में पहुंचते हैं। कुछ पीठासीन अधिकारियों के व्यवहार और कार्य प्रणाली से पक्षकारों और उनके पैरोकार वकीलों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। बात जब वजूद और प्रतिष्ठा के स्तर तक पहुंच जाती है तो हड़ताल और प्रदर्शन की नौबत आ जाती है।Breaking News

जिला एवं सत्र न्यायाधीश का मामला सुर्खियों में: पिछले कुछ समय से जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी, स्थानीय उपमंडल अधिकारी (ना) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश का मामला सुर्खियों में चल रहा है। बात चंडीगढ़ और दिल्ली तक भी पहुंच रही है। उपमंडल अधिकारी (ना) की अदालत के कार्य का वकील समुदाय कई दिनों से बहिष्कार किए हुए हैं। उपायुक्त, जिला सत्र न्यायाधीश भी समस्या का समाधान नहीं कर पाए हैं। न्यायिक अदालतों के कामकाज का भी सांकेतिक बहिष्कार वकील समुदाय बीच-बीच में करने पर मजबूर हो रहा है।Breaking News

गुरुग्राम से महीने में एक बार कमिश्नर महोदय की अदालत भी यहां देखने को मिलती है। इस गतिरोध का सबसे अधिक दुष्परिणाम न्याय की आस में अदालतों में लंबित विवादों के पक्षकार झेल रहे हैं। न्याय की कुर्सी पर बैठे न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी दोनों के पास कानून के हिसाब से असीमित अधिकार पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में उपलब्ध हैं। वकील का दायित्व अपने पक्षकार की कानून की व्याख्या कर पीठासीन अधिकारी को तर्कसंगत, पक्षपात रहित, न्यायोचित निर्णय देने में सहायक की उचित भूमिका तक सीमित होता हैे

गतिरोध को शीघ्र दूर करने का आग्रह : न्याय आपके द्वारा अभियान के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चौहान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से पक्षकारों के व्यापक हित में बार और बेंच के चल रहे इस गतिरोध को शीघ्र दूर करने का आग्रह किया है।Breaking News