धारूहेड़ा में लगे श्रीराम के जयकारे, जानिए हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व

On: April 2, 2026 5:05 PM
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धारूहेड़ा में लगे श्रीराम के जयकारे, जानिए हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व

धारूहेड़ा: कस्बे में हनुमान जन्मोत्सव पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम व भंडारा आयोजित किया गया। इसमें शहर के साथ गांवों से भी लोगों ने आकर धार्मिक कार्यक्रम का आनंद लिया और प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह 8 बजे सभी मंदिरों में हनुमान चालीसा व आरती की गई।

हवन में डाली आहूति: बता दे कि सुबह सुबह कई जगह यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें मंदिर कमेटी सदस्यों व मौजिज लोगों ने आहुति अर्पित की। श्रीराम के जयकारों से सुबह से माहोल भक्तिमय बन गया।IRCTC Tour Package: बेहद कम खर्च में करें दार्जिलिंग की यात्रा, IRCTC लाया है सबसे सस्ता टूर पैकेज, देखें

जानिए कहां कहा हुआ कार्यक्रम: बता दे गुरूवार को सोहना रोड हनुमान मंदिर, मातादीन कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर, बड़ी ट्रक यूनियन , एमटूके काउंटी, मालपुरा, कापडीवास के मंदिरों में आयोजन किया गया। बता दे हर साल यहां पर हनुमान जयति पर विशाल भंडारा लगाया जाता है।

इस मौके पर सरपंच प्रति​​निधि मालपुरा से मलखान तंवर, बलराम पंडित, श्री भगवान, उपचेयरमैन अजय जांगडा, सुरेश शर्मा, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।

धारूहेड़ा में लगे श्रीराम के जयकारे, जानिए हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व
धारूहेड़ा में लगे श्रीराम के जयकारे, जानिए हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व

 

 

हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व: बता दे कि हनुमान जयंती पर जन्मे संकटमोचन के रूप में पूजित हनुमान जी अपने भक्तों के सभी कष्ट हरने वाले माने जाते हैं। बता दे कि जिस घर में हनुमान चालीसा का नियमित पाठ होता है, वहां नकारात्मक शक्तियाँ प्रवेश नहीं कर पातीं। उनका नाम स्वयं में एक दिव्य मंत्र है, जो भय, दुख और संकट को दूर करने की क्षमता रखता है। इतना नहीं जयंति के जाप से कष्ट भी दूर होते है।Haryana ka mausam: हरियाणा में आज भी होगी झमाझम बारिश, सिरसा, पलवल समेत इन जिलों में गिरेंगे ओले, देखें अपडेट

 

जानिए हनुमान जयं​ति पर पूजा-विधि: हनुमान जन्मोत्सव के दिन प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लें। इसके पश्चात हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिपूर्वक पूजा करें।

पूजन में विशेष रूप से निम्न वस्तुएं अर्पित करें-

सिंदूर और चमेली का तेल
लाल पुष्प
गुड़ और चना
बूंदी के लड्डू

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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