Weather Alert: हरियाणा में एक बार तेजी से मौसम बदल रहा है। बारिश के बाद हरियाणा में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण उत्तर भारत में तेज बर्फीली हवाओं का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है। इन ठंडी हवाओं के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज हवाओं के बाद अब कड़ाके की ठंड और कोहरे ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जनवरी के लिए राज्य में प्रतिकूल मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
राज्य में ठंडी हवाओं की वजह से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है, वहीं रात के समय भी सर्दी बनी हुई है। दिन के समय धूप निकलने के बावजूद तेज शीतलहर के कारण ठंड का असर कम नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शीतल हवाओं के कारण लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है। तापमान की बात करें तो दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि रात के न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। मौसम विभाग के अनुसार हिसार जिले में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम रहा।
वहीं न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा है। इसी तरह राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।27 जनवरी के बाद शीतलहर के प्रभाव में थोड़ी कमी आने की संभावना है, हालांकि दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
मौसम विभाग ने किया अलर्ट: बता दे पश्चिमी विक्षोभों का असर उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आज शाम से लेकर 31 तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में हरियाणा के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में शीतलहर का असर बना रह सकता है। कई क्षेत्रों में पाला जमने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 26 जनवरी से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई जा रही है।

















