Haryana Metro update: हरियाणा के लिए दिल्ली मेट्रो के विस्तार को लेकर एक बडी अच्छी न्यूज सामने आई है। दिल्ली सरकार ने मेट्रो के चौथे चरण के अंतर्गत प्रस्तावित बचे हुए तीनों कॉरिडोरों के लिए अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद लंबे समय से अटके मेट्रो प्रोजेक्ट्स को अब गति मिलने की उम्मीद है।Haryana Metro update
बता दे कि खास तौर पर इसका सीधा फायदा हरियाणा के सोनीपत जिले को मिलने वाला है, जहां पहली बार दिल्ली मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत रिठाला से कुंडली तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर सोनीपत जिले के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए कुंडली, नाथुपुर और आसपास के इलाकों को सीधे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
21 स्टेशन एलिवेटेड: इससे न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय विकास को भी नई दिशा मिलने की संभावना है। रोजाना दिल्ली आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए यह मेट्रो लाइन राहत लेकर आएगी। करीब 26.5 किलोमीटर लंबा यह रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण की अहम परियोजनाओं में शामिल है। इस रूट पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें एक स्टेशन अंडरग्राउंड और 21 स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
अनुमानित लागत 6,230.99 करोड़: यह मेट्रो लाइन दिल्ली के रिठाला से शुरू होकर रोहिणी के विभिन्न सेक्टरों, बवाना और नरेला होते हुए हरियाणा के कुंडली और नाथुपुर तक पहुंचेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 6,230.99 करोड़ रुपये तय की गई है।
यात्रियों को बड़ी राहत: इस मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने से कुंडली, नाथुपुर, नरेला और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग बसों और निजी वाहनों पर निर्भर हैं, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है। मेट्रो सेवा शुरू होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी भी संभव होगी।
एनसीआर से होगी बेहतर कनेक्टिविटी : बता दे कि इस परियोजना से औद्योगिक और शैक्षणिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कुंडली-सिंधु बॉर्डर के पास स्थित कुंडली, नाथुपुर और राई औद्योगिक क्षेत्र को दिल्ली और एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं, सोनीपत की राई एजुकेशन सिटी में मौजूद विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। ?

















