Haryana: दिल्ली से अलवर तक बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के निर्माण में बाधा डाल रही हाई-टेंशन रेल टावरों और लाइनों को अंबियंस मॉल से IFFCO चौक तक हटाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) ने इस परियोजना का अनुमानित लागत ₹65 करोड़ रखा है। यह प्रस्ताव अब नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) को सौंपा गया है, जो तय करेगा कि लाइनों और टावरों को हटाने का कार्य किसी कंपनी को दिया जाए या इसे स्वयं HVPNL के माध्यम से कराया जाए।
इस प्रस्ताव के बाद राष्ट्रीय राजधानी और हरियाणा तथा राजस्थान के महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ने वाले सेमी-हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है। इस परियोजना का पहला चरण दिल्ली से बावल तक का होगा। आरआरटीएस की रूट पहले दिल्ली रोड से प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे के साथ बदल दिया गया। इस मार्ग में IFFCO चौक से अंबियंस मॉल तक हाई-टेंशन लाइनों और टावरों का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है, जो निर्माण कार्य में बाधा डाल रहा है।
टावरों और लाइनों को हटाने के विकल्प
HVPNL ने हाई-टेंशन टावरों और लाइनों को हटाने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग के पास दो विकल्प हैं: पहला, यह कार्य HVPNL को सौंपा जाए और अनुमानित लागत विद्युत निगम को जमा की जाए; दूसरा विकल्प यह है कि टेंडर के माध्यम से किसी कंपनी को टावर और लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य दिया जाए, और इसके लिए विद्युत निगम को निरीक्षण शुल्क का भुगतान किया जाए। NCRTC द्वारा प्रस्ताव मिलने के तुरंत बाद इसका अनुमान तैयार कर लिया गया।
आरआरटीएस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
दिल्ली से अलवर तक कुल 164 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 22 स्टेशन बनेंगे, जिनमें 17 स्टेशन एलिवेटेड और 5 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। गुड़गांव में चार स्टेशन—साइबर हब, IFFCO चौक, राजीव चौक और हीरो होंडा चौक—निर्मित होंगे। ट्रेन की औसत गति 100 किमी/घंटा होगी, जबकि 160 किमी/घंटा की गति क्षमता भी लागू करने का अनुमान Haryana Electricity Transmission Corporation ने प्रस्तुत किया है। इस परियोजना से दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख क्षेत्रों के बीच आवागमन और कनेक्टिविटी में सुधार आएगा और क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

















