Punjab Roadways, PUNBUS और PRTC के अस्थायी कर्मचारियों ने राज्य सरकार की किमी-आधारित स्कीम और विभाग के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह योजना उनके अधिकारों और नौकरी की सुरक्षा के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस कदम पर तुरंत विचार किया जाए और कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए।
संघ ने स्पष्ट किया है कि 8 दिसंबर से 10 दिसंबर तक राज्य की सभी बस सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान पूरे पंजाब में सभी डिपो पूर्णतः बंद रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन उनके अधिकारों की रक्षा और सरकारी नीतियों के खिलाफ चेतावनी स्वरूप किया जा रहा है। तीन दिन तक बंद रहने वाली बस सेवाओं के कारण लोगों को सामान्य यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
डिपो स्तर पर गेट रैली का आयोजन
इस विरोध से पहले कर्मचारियों ने दो बड़े रैलियों का आयोजन करने का भी ऐलान किया है। 28 नवंबर और 2 दिसंबर को राज्यभर के सभी डिपो पर गेट रैली आयोजित की जाएगी। इन रैलियों में कर्मचारियों द्वारा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा और अपनी मांगों को उजागर किया जाएगा। गेट रैली में भारी संख्या में कर्मचारियों के शामिल होने की उम्मीद है, जो सरकार को उनके मुद्दों की गंभीरता का संदेश देगी।
सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति
कर्मचारी संघ का मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने का एक तरीका है ताकि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जा सके। निजीकरण और किमी स्कीम के विरोध में यह तीन दिवसीय बंद और रैलियां कर्मचारियों के हक में निर्णय दिलाने के लिए आयोजित की जा रही हैं। संघ ने यह भी कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है।
















