Haryana News: हरियाणा सरकार के विकास और पंचायत विभाग ने कैथल जिले की 277 पंचायतों पंचायत समितियों और जिला परिषद को 9.45 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। यह फंड 15वें वित्त आयोग के तहत पहला बेसिक अनटाइड ग्रांट है जिसे सीधे पंचायतों के खातों में भेज दिया गया है। इस राशि का उद्देश्य गांवों में सड़क नाली स्वच्छता और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
जनसंख्या के अनुसार राशि का वितरण
सरकार द्वारा जारी किए गए फंड में ग्राम पंचायतों को उनकी जनसंख्या के अनुसार 75 प्रतिशत यानी 7.45 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं पंचायत समितियों को 15 प्रतिशत के अनुसार 1.49 करोड़ रुपये और जिला परिषद को 99.88 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। ब्लॉक स्तर पर सबसे अधिक फंड कैथल ब्लॉक को मिला है जिसे 1.99 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं जबकि सबसे कम राशि 67.58 लाख रुपये सीवन ब्लॉक को मिली है। पुंडरी कलायत गुहला ढांड और राजौंद ब्लॉकों को भी करोड़ों का बजट जारी किया गया है।
ग्राम स्तर पर मिली धनराशि में बड़ा अंतर
पंचायत स्तर पर पुंडरी ब्लॉक के पाई गांव को सबसे अधिक 16.09 लाख रुपये मिले हैं। इसके विपरीत सीवन ब्लॉक के मेघा माजरा गांव को सबसे कम केवल 25 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। यह आवंटन हर गांव की आवश्यकता और आबादी को देखते हुए किया गया है ताकि जहां जरूरत अधिक हो वहां विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा सकें।
अनटाइड ग्रांट का उपयोग अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार
सरकार के आदेश में साफ कहा गया है कि यह राशि अनटाइड ग्रांट है। यानी पंचायतें इसे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च कर सकेंगी। गांवों की सड़कों की मरम्मत जल निकासी की सुधार व्यवस्था स्वच्छता पेयजल और आवश्यक ढांचागत विकास पर यह फंड लगाया जा सकता है। विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि हर जिला परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता से और योजना के नियमों के अनुसार किया जाए। पंचायतों को निर्धारित समय सीमा में उपयोग प्रमाणपत्र भी भेजना होगा।
पारदर्शिता से होगा ग्रामीण विकास
जिला परिषद के डिप्टी सीईओ सुमित चौधरी ने बताया कि इस फंड का उपयोग ई ग्राम स्वराज और पीएफएमएस पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फंड ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय करेगा और गांवों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगा। सरकार का मानना है कि इस राशि से लंबे समय से रुके हुए कार्यों को रफ्तार मिलेगी और गांवों में जीवन स्तर सुधार होगा।

















